हाथरस जिले में इन दिनों वायरल का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। स्थिति यह है कि घर में एक सदस्य के बीमार पड़ने के बाद धीरे-धीरे पूरा परिवार इसकी चपेट में आ रहा है। सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार और बदन दर्द की शिकायत लेकर मरीज चिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं। रक्षाबंधन के त्योहार पर सरकारी अस्पताल के साथ अधिकांश निजी चिकित्सालय पर चिकित्सकों के रहने से मरीजों को इलाज के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा।
हालांकि जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों को उपचार की सुविधा मिलती रही। बृहस्पतिवार की रात 12 बजे से शाम चार बजे तक 124 मरीज इमरजेंसी में पहुंच चुके थे। सुबह आठ बजे के बाद तेज बुखार व वायरल के मरीजों का आना शुरू हो गया। शाम तक 27 मरीज वायरल बुखार से पीड़ित पहुंचे।
जिला अस्पताल की ओपीडी सुबह केवल 11 बजे तक की रही। इन तीन घंटों में 416 मरीज परामर्श के लिए पहुंचे। इनमें वायरल बुखार व सर्दी-जुखाम के 86 मरीज रहे। इसके बाद आने वाले मरीजों को वापस लौटना पड़ा। चिकित्सकों के मुताबिक मौसम में लगातार बदलाव और उमस के बीच वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। परिवार में किसी एक व्यक्ति को संक्रमण होने पर उसके संपर्क में आने वाले अन्य सदस्यों के भी संक्रमित होने की आशंका रहती है। बच्चों और बुजुर्गों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
पर्याप्त पानी पीएं व मास्क लगाकर रखें
जिला अस्पताल के फिजिशियन डाॅ. अवधेश ने लोगों को छींकते और खांसते समय मुंह ढंकने, हाथों की नियमित सफाई करने और संक्रमित व्यक्ति से उचित दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि वायरल के लक्षण दिखाई देने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, आराम करने और पौष्टिक भोजन लेने से भी शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद मिलती है। त्योहार के दौरान भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचने और आवश्यक होने पर मास्क का प्रयोग करने की सलाह दी गई है।