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UP Board: स्टेटिक मजिस्ट्रेट और सुरक्षा कर्मी नदारद, बाइक और स्कूटी से ढोई जा रही उत्तर पुस्तिकाएं

Sat, 28 Feb 2026 11:00 AM IST
Chaman Kumar Sharma विनीत चौरसिया, अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

बोर्ड परीक्षा को लेकर तैनात सचल दल की ओर से सिर्फ परीक्षा केन्द्रों पर नकल रोके जाने के लिए परीक्षार्थियों के जेब, जूते, कपड़ों आदि की तलाशी तक ही सीमित हैं। उत्तर पुस्तिकाओं को सुरक्षित केन्द्र तक पहुंचाने के प्रति ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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स्कूटी-बाइक पर यूपी बोर्ड की कॉपियों को जमा करने जाते परीक्षा केंद्रों के शिक्षक व कर्मचारी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अलीगढ़ के बाद हाथरस में भी यूपी बोर्ड परीक्षा की कापियां संकलन केंद्रों तक पहुंचाने में लापरवाही बरती जा रही है। नियम स्टेटिक मजिस्ट्रेट और सुरक्षा कर्मी का अता पता नहीं है और बाइक और स्कूटी से परीक्षा के बाद कॉपियां संकलन केंद्र तक पहुंचाई जा रही है।

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जिले के नोडल केंद्र सरस्वती इंटर कॉलेज में बनाया गया है, 27 फरवरी को यहां कॉपियां पहुंचाने में हर स्तर पर बेपरवाही नजर आई। नियमानुसार परीक्षा समाप्त होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं को चार पहिया वाहन से स्टेटिक मजिस्ट्रेट और एक सुरक्षा कर्मी की निगरानी में नोडल केंद्र पर जमा कराया जाना चाहिए।

अलीगढ़ में इस तरह के खुलासे बाद शिक्षा विभाग अधिकारियों ने मंडल के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को आदेश जारी किए थे और कहा था कि सुरक्षा व नियमानुसार कॉपियां संकलन केंद्र पर पहुंचाईं जाएं। जनपद के 99 परीक्षा केंद्रों में से कुछ ही केंद्र निर्धारित मानकों का पालन कर रहे हैं। तमाम परीक्षा केन्द्रों से उत्तर पुस्तिकाएं मोटरसाइकिलों व स्कूटी से ढोई जा रही हैं। इससे पारदर्शिता और सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। 

उत्तर पुस्तिकाओं को पूरी सुरक्षा के साथ नोडल केन्द्र तक पहुंचाने के निर्देश जारी किए गए हैं, नियमों के अनुसार पर उत्तर पुस्तिकाओं को जमा किया जा रहा है, किसी वजह से कोई लापरवाही हुई है तो निश्चित ही जांच की जाएगी।-संत प्रकाश, जिला विद्यालय निरीक्षक, हाथरस।

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सचल दलों का भी नहीं ध्यान
बोर्ड परीक्षा को लेकर तैनात सचल दल की ओर से सिर्फ परीक्षा केन्द्रों पर नकल रोके जाने के लिए परीक्षार्थियों के जेब, जूते, कपड़ों आदि की तलाशी तक ही सीमित हैं। उत्तर पुस्तिकाओं को सुरक्षित केन्द्र तक पहुंचाने के प्रति ध्यान नहीं दे रहे हैं।

केन्द्र व्यवस्थापकों पर टिका पूरा दारोमदार
शिक्षा विभाग का पूरा दारोमदार फिलहाल केंद्र व्यवस्थापकों पर टिका हुआ है। रास्ते में कॉपियां बदलने या अन्य किसी प्रकार की अनियमितता की आशंकाओं को लेकर कोई ठोस निगरानी दिखाई नहीं दे रही। विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े इस मामले में यह लापरवाही की हद है।
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