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सहपऊ: उज्ज्वला के कनेक्शन मिले पर सिलिंडर नहीं, कागजों में डिलीवरी, उपभोक्ताओं को नहीं मिला

Mon, 24 Aug 2026 12:31 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

गैस संकट का असर अब स्कूलों के मिड-डे मील पर भी पड़ रहा है। प्राथमिक विद्यालय नगला मौजी के प्रधानाध्यापक गजेंद्र वर्मा ने बताया कि कई दिनों से स्कूल के लिए सिलेंडर नहीं मिल रहा है।
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सिलिंडर - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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उज्ज्वला योजना के तहत कनेक्शन मिलने के बाद भी गरीब परिवार सिलिंडर और किट के लिए भटक रहे हैं। वहीं आम उपभोक्ताओं को भी पिछले दो महीने से गैस बुकिंग कराने में परेशानी हो रही है। गैस आपूर्ति का असर अब प्राथमिक विद्यालयों के मिड-डे मील पर भी पड़ने लगा है।

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उपभोक्ताओं की लगातार शिकायतों के बाद सात अगस्त को प्रशासन, पूर्ति विभाग, मथुरा रिफाइनरी और पुलिस की संयुक्त टीम ने सहपऊ स्थित सुनीता इंडेन गैस सर्विस की जांच की थी। जांच में एजेंसी पर 212 एलपीजी सिलिंडर कम मिले। पूर्ति निरीक्षक सादाबाद गौरव माहेश्वरी ने जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय भेज दी है। उन्होंने बताया कि गैस कंपनी के उच्चाधिकारियों को नोटिस जारी कर एजेंसी के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई के लिए लिखा गया है।

कागजों में डिलीवरी, उपभोक्ताओं को नहीं मिला सिलेंडर
कस्बे के नवीन बघेल और अजय कुमार ने आरोप लगाया कि करीब 15 दिन पहले हॉकरों ने उनसे डीएसी नंबर ले लिया, लेकिन सिलिंडर नहीं दिया। दोबारा बुकिंग कराने पर पता चला कि उनके कनेक्शन पर  सिलिंडर की डिलीवरी दर्ज हो चुकी है। होली गेट निवासी गिरीश ने बताया कि उनकी पत्नी रीकी देवी के नाम होली से पहले उज्ज्वला कनेक्शन जारी हुआ था, लेकिन अब तक  सिलिंडर और किट नहीं मिली। वहीं जटोई निवासी राजकुमार ने बताया कि वह दो महीने से बुकिंग कराने के लिए चक्कर लगा रहे हैं। एजेंसी कर्मचारी हर बार दस दिन बाद  सिलिंडर मिलने का आश्वासन देकर लौटा देते हैं।
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स्कूलों में चूल्हे ठंडे पड़ने के आसार
गैस संकट का असर अब स्कूलों के मिड-डे मील पर भी पड़ रहा है। प्राथमिक विद्यालय नगला मौजी के प्रधानाध्यापक गजेंद्र वर्मा ने बताया कि कई दिनों से स्कूल के लिए सिलेंडर नहीं मिल रहा है। बीओ का पत्र और सरकारी नंबर से प्रक्रिया पूरी कराने के बाद भी एजेंसी पर घंटों इंतजार कराकर वापस लौटा दिया जाता है। इससे बच्चों के दोपहर के भोजन की व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

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