क्षेत्र के गांव उझनेरा में लगभग तीन महीने से ग्रामीण जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। गांव के मुख्य मार्ग पर पानी भर जाने के कारण लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव के कारण स्कूल जाने वाले बच्चे कीचड़ में गिरते रहते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कीचड़ के कारण घरों में कीड़े-मकोड़े घुस रहे हैं। तीन दिन पहले एक घर में सांप घुस गया था, जिससे परिवार के लोग भयभीत हैं। ग्रामीणों ने इस समस्या के समाधान के लिए तहसील दिवस के अलावा प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर गुहार लगाई और नाली निर्माण की मांग की, लेकिन अभी तक उनकी सुनवाई नहीं हुई है। मुरसान ब्लॉक के एडीओ पंचायत कृष्णकांत गौतम का कहना है कि गांव उझनेरा में नाली का ढलान सही नहीं है। बहुत जल्द ही इसे ठीक कराया जाएगा।
गांव में काफी समय पहले नाली निर्माण का कार्य कराया गया था। इस दौरान ठेकेदार ने गांव के पानी की निकासी का ढलान गलत दिशा में कर दिया। गांव का पोखर पश्चिम दिशा में है, जबकि ढलान पूर्व दिशा में कर दिया गया। इस कारण गांव का पानी मुख्य मार्ग पर ही जमा रहता है। रास्ते में गंदगी के कारण कीड़े-मकोड़े घरों में घुस जाते हैं।
-राकेश कुमार, स्थानीय निवासी।
तीन महीने से जलभराव की समस्या बनी हुई है। सात मीटर चौड़ा यह रास्ता अब अवरुद्ध है। पहले गांव का पानी करबन नदी और पोखर की ओर जाता था, लेकिन अब उसे रोक दिया गया है, जिससे लोगों को निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पहले गांव का पानी सड़क किनारे खेतों से होकर निकलता था, लेकिन अब सड़क के दोनों ओर मिट्टी डाल दी गई है, जिससे पानी सड़क पर ही भरा रहता है।
- रामजीलाल निवासी उझनेरा।
लोगों के निकलने के लिए यही एक मुख्य मार्ग है, जिस पर जलभराव की समस्या है। रात के समय गांव में निकलने में काफी परेशानी होती है। दिन में निकलते समय राहगीर इसमें गिरते रहते हैं। जलभराव के कारण गांव में बीमारियों का प्रकोप रहता है। जगह-जगह कीचड़ भरा हुआ है। शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही।
-तेजवीर सिंह निवासी उझनेरा।