जीएसटी के विरोध में ट्रांसपोर्ट व्यापार कहीं खुला तो कहीं बंद रहा। ट्रांसपोर्ट व्यापारियों के अलग-अलग गुटों ने अपने-अपने तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। एक गुट ने अपने प्रतिष्ठान खोलकर हाथों पर काली पट्टी बांधकर विरोध किया तो दूसरे गुट ने अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखकर जीएसटी का विरोध किया।
हाथरस परचून ट्रांसपोर्ट एवं मिनी ट्रक ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अभिषेक शर्मा के नेतृत्व में व्यापारियों ने हाथों में काली पट्टी बांध कर जीएसटी का विरोध किया गया। प्रतिदिन की तरह अपने प्रतिष्ठान खोल कर माल की बुकिंग और डिलेवरी भी की। एसोसिएशन के महामंत्री लक्ष्मण गौतम ने कहा कि त्योहार पर प्रतिष्ठान बंद कर जीएसटी का विरोध करना ठीक नहीं था। हमारे सभी साथियों ने काली पट्टी बांध कर विरोध दर्ज कराया है।
सरकार को ट्रांसपोर्ट व्यापारियों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए और जीएसटी में सुधार हो। काली पट्टी बांध कर विरोध करने वालों में राकेश तिवारी, नरेंद्रपाल वर्मा, राजीव वार्ष्णेय, मुकेश चौधरी, नवीन शर्मा, राजू चौधरी, अजय गौड़, ज्ञानेंद्र गौतम, दीनदयाल गौतम, राम महेश तिवारी, वेदप्रकाश शर्मा, भूपेंद्र चौधरी, ओमी वर्मा, रोहताश राघव आदि शामिल थे। इधर ट्रक ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन द्वारा ट्रांसपोर्ट व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर जीएसटी का विरोध किया। माल की बुकिंग व डिलेवरी कार्य मंगलवार को भी नहीं होगा। ट्रांसपोर्ट व्यापार को जीएसटी के दायरे से बाहर रखे जाने, परिवहन कार्यालय में परिवहन व्यवसायियों का शोषण रोकने की मांग की गई।
व्यापारियों ने कहा कि दो दिवसीय हड़ताल से भी यदि कोई फर्क नहीं पड़ा तो दिवाली के बाद आंदोलन किया जाएगा। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रवींद्र सिंह ने कहा कि मंगलवार को सुबह प्रधानमंत्री के नाम डीएम को ज्ञापन दिया जाएगा। जीएसटी का विरोध करने वालों में अरुण जैन, अमित बंसल, दीपक शर्मा, सुखवीर सिंह, राकेश अग्रवाल, प्रदीप सारस्वत, सतीश राना, चमन लाल, जुगेंद्र सिंह, बंशी पंडित, निरंजन लाल गुप्ता, आरके सिंह, अनिल, रोहित, पंकज चौधरी, हरि वर्मन, साहब सिंह, मुकेश, नरेंद्र वर्मा, आशु छाबड़ा, नवजोत, हरीश गुलाठी आदि व्यापारी शामिल थे।