हाथरस जंक्शन पुलिस ने तीन बालिकाओं के अपहरण के मामले में पिछले दो वर्षों से लगातार फरार चल रहे दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने आरोपियों के परिजनों द्वारा सादाबाद थाने में दर्ज कराए गए अपहरण के एक अन्य संदिग्ध मुकदमे की गुत्थी को भी सुलझा लिया है।
घटना छह जनवरी 2024 की है, जब हाथरस जंक्शन क्षेत्र के एक व्यक्ति ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि चुलबुल और उसके साथी उनकी नाबालिग बेटी और दो अन्य नाबालिग बालिकाओं को बहला-फुसलाकर ले गए। पुलिस ने आठ जनवरी 2024 को दो नाबालिग बालिकाओं को सकुशल खोज लिया।
23 जनवरी 2024 को तीसरी बालिका को भी खोज लिया गया। 30 अप्रैल 2024 को घटना में शामिल एक आरोपी गुल्लू निवासी नट झुग्गी, सादाबाद को गिरफ्तार कर लिया था। दो नामजद आरोपी अंशू उर्फ चुलबुल व रिहान दोनों निवासी रोरावर, अलीगढ़ फरार चल रहे थे। जंक्शन पुलिस ने बुधवार को इन्हें गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी से खुला दूसरे मुकदमे का राज
आरोपी अंशू के पिता फरजान ने वर्ष 2024 में अपने बेटे अंशू और रिहान के अपहरण के संबंध में थाना सादाबाद में फर्जी एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें पीड़िता पक्ष के लोगों को नामजद किया गया था। एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि पुलिस की जांच में स्पष्ट हो गया कि जिन अंशू और रिहान के अपहरण का दावा सादाबाद थाने में किया गया था, वे असल में फरार अपराधी थे और हाथरस जंक्शन थाने से तीन नाबालिगों को ले जाने के मामले में वांछित थे।