शहर की इंदिरा नगर कॉलोनी निवासी ट्रिजा जोन बीते कई दशकों से निशुल्क ट्यूशन देकर गरीब और जरूरतमंद बच्चों का भविष्य संवार रही हैं। वर्ष 1987 से शिक्षण कार्य से जुड़ीं ट्रिजा ने शिक्षा को सेवा का माध्यम बना लिया है।
वर्ष 1992 में विवाह के बाद वह हावड़ा से हाथरस आईं। यहां आकर उन्होंने देखा कि कई आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे संसाधनों के अभाव में पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं। तभी से उन्होंने ऐसे बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने का संकल्प लिया और आज तक इसे निभा रही हैं। उनके मार्गदर्शन में पढ़े कई छात्र आज विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत हैं।
कुछ विद्यार्थी रेलवे तो कुछ पीडब्ल्यूडी सहित अन्य विभागों में अच्छे पदों पर तैनात होकर अपने परिवार और शहर का नाम रोशन कर रहे हैं। ट्रिजा का मानना है कि शिक्षा ही वह साधन है, जो किसी भी बच्चे का जीवन बदल सकती है। वह कहती हैं कि जब उनके पढ़ाए बच्चे सफलता हासिल करते हैं, तो वही उनके लिए सबसे बड़ा पुरस्कार होता है। उनकी इस पहल से न केवल बच्चों का भविष्य उज्ज्वल हो रहा है, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश भी जा रहा है।