निजी क्लीनिकों पर छापेमारी करती स्वास्थ्य महकमे की टीम।
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सादाबाद। सादाबाद में अवैध रूप से बिना लाइसेंस के संचालित हो रहे क्लीनिकों, पैथलॉजी लैबों और अल्ट्रासाउंड सेंटरों को लेकर गुरूवार को स्वास्थ्य महकमे की टीम ने एसडीएम ज्योत्स्ना बंधु के साथ कई जगह छापा मारा। छापों से पूरे दिन अवैध रूप से चिकित्सा कार्य से जुड़े लोगों में खलबली मची रही। कई क्लीनिकों और लैबों के शटर धड़ाधड़ गिर गए।
स्वास्थ्य महकमे की टीम में शामिल एसीएमओ डॉ. डीके अग्रवाल व लिपिक एमके अग्रिहोत्री ने सबसे पहले बस स्टैंड के पास श्रीराम चिकित्सालय पर छापा मारा। एसीएमओ ने बताया कि यहां कुछ न मिलने पर टीम माहुर पैथलॉजी लैब पर पहुंच गई। यह लैब बिना किसी लाइसेंस के चलते हुए मिली। मौजूद व्यक्ति लैब से संबधित कागजात नहीं दिखा सका। इसके बाद टीम सांई साक्षी हॉस्पिटल पर पहुंची। यहां टीम को बिना किसी डॉक्टर के मरीजों की चिकित्सा होते मिली। यहां साधनों की भी कमी मिली।
इसके बाद टीम मौहल्ला पोखरवाला में स्थित बंगाली क्लीनिक पर पहुंची, मौके पर आयुर्वेद अधिकारी द्वारा जारी पंजीकरण मिला, जो कि 31 मार्च तक ही वैद्य था। मेडिकल वेस्ट और पॉल्यूशन नियंत्रण संबंधी प्रमाण पत्र भी यहां प्रस्तुत नहीं किया जा सका। अंबेडकर पार्क के निकट एमएफ क्लीनिक पर भी टीम पहुंची, यहां भी चिकित्सक चिकित्सा कार्य संबंधी कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। यहां एक महिला मरीज को ड्रिप भी लगाई जा रही थी। इसके अलावा टीम ने आगरा रोड स्थित पचौरी क्लीनिक पर भी छापा मारा।
यहां एसडीएम भी पहुंच गईं। यहां कई तरह की अनियमितताएं मिलीं, जिस पर एसडीएम व एसीएमओ ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। तान्या हॉस्पीटल और कई अन्य क्लीनिकों पर भी टीम ने छापे मारे। लाइसेंस को भी चैक किया गया। सभी को तीन दिन का नोटिस जारी किया गया है। संतोषजनक उत्तर न दिए जाने पर कड़ी कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई। कार्रवाई से पूरे दिन चिकित्सकों में खलबली मची रही।