गैंगवार के सनसनीखेज मामले में मंगलवार को मुख्य आरोपी द्वारा अचानक कोर्ट में सरेंडर किए जाने के बाद अब पुलिस महकमा किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। पुलिस को अंदेशा है कि अन्य नामजद आरोपी भी एनकाउंटर के डर से अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने की फिराक में हैं। लिहाजा पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए जाल बिछा दिया है।
इसी आशंका को देखते हुए बुधवार को पूरे कोर्ट परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया और पुलिस का कड़ा पहरा लगा दिया गया। दरअसल, पुलिस की कार्यशैली पर मंगलवार को तब सवाल खड़े हो गए थे, जब गैंगवार का मुख्य आरोपी हेमू ठाकुर भारी घेराबंदी के बावजूद चकमा देकर कोर्ट में पेश हो गया था।
उसे पुलिस एनकाउंटर का डर सता रहा था। इसी खौफ के चलते उसने बेहद गुप्त तरीके से अदालत में सरेंडर की अर्जी दाखिल की और चुपचाप समर्पण कर दिया। पुलिस को इसकी भनक तब लगी, जब आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका था। हतीसा बाईपास पर हुई गैंगवार के मामले में पुलिस मोना ठाकुर, शानू व छोटू राणा के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है।
गंगचौली के अंकित, अनुज, जितेंद्र, सूर्या व संदीप की तलाश की जा रही है। ये लोग भी सरेंडर करने की फिराक में हैं, इसलिए अदालत परिसर में संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है। सीओ हिमांशु माथुर ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।