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आपके बेटे ने किया है अपराध: पुलिस की डीपी लगाकर मां-बाप से मांगते हैं रुपया, दबोचा गया ठग, ऐसे करते हैं ठगी

Sat, 24 Feb 2024 07:37 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

हाथरस पुलिस ने बिहार का एक ठग दबोचा है। यह ऐसे गिरोह का सदस्य है, जो बाहर पढ़ रहे बच्चों का रिकॉर्ड निकाल कर उनके मां-बाप को डराकर ठगी करते हैं। ठग पुलिस की फर्जी डीपी लगाकर अभिभावकों को फोन करते हैं कि उनके बच्चे ने अपराध किया है, अगर उसे बचाना है, तो उनसे रुपयों की डिमांड की जाती है। 
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हाथरस पुलिस अधीक्षक निपुण अग्रवाल ठगी का खुलासा करते हुए, साथ में है पकड़ा गया ठग - फोटो : पुलिस
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विस्तार
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अगर कोई व्यक्ति आपसे पुलिस बनकर फोन पर कहता है कि आपके बेटे ने अपराध किया है और बदले में पैसे मांगता है, तो सावधान हो जाएं। कहीं ऐसा न हो कि साइबर ठग आपको निशाना बना रहे हों। हाथरस थाना कोतवाली सदर पुलिस, साइबर सेल व सर्विलांस सेल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ऐसे गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 11.78 लाख रुपये, मोबाइल, आधार कार्ड व एटीएम बरामद हुए हैं। 

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आरोपी ने सवा महीने पहले शहर के एक व्यापारी से ठगी कर अलग-अलग खातों में लगभग 12 लाख रुपये डलवाए थे। एसपी ने गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का इनाम दिए जाने की घोषणा की है, टीम में प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह, प्रभारी निरीक्षक भारत भूषण भाटी आदि थे।
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आपके बेटे ने अपराध किया है, कहकर खाते में डलवाए 12 लाख रुपये
मैंडू रोड स्थित अपने कार्यालय में शनिवार को पूरे मामले का खुलासा करते हुए एसपी निपुण अग्रवाल ने बताया कि शहर के आगरा रोड अग्रसेन बिहार कॉलोनी निवासी संजय कुमार अग्रवाल पुत्र गोपाल अग्रवाल द्वारा लगभग सवा महीने पहले कोतवाली सदर पुलिस को तहरीर दी गई है। जिसमें उन्होंने बताया था कि पहली जनवरी की उनके व्हाटसएप नंबर पर फोन आया था। फोन करने वाले ने उनसे कहा कि उनका बेटा (जो कोटा में रहकर इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहा है) उसने अपराध किया है। जिसके बदले में रुपये देने हैं। घबरा कर संजय ने अलग-अलग खातों में करीब 12 लाख रुपये डाल दिए। बाद में उनको पता चला की उनके पुत्र द्वारा कोई अपराध नहीं किया गया, बल्कि वह साइबर ठगी के शिकार हो गए हैं। कोतवाली सदर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास शुरु किए। 

आरोपी बिहार के गोपालगंज, 11.78 लाख रुपये बरामद 
एसपी ने इसके खुलासे के लिए प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर, साइबर सेल, सर्विलांस टीम व स्वॉट टीम को लगाया। पुलिस टीम द्वारा संकलित साक्ष्यों, सर्विलांस से प्राप्त सूचना के आधार पर शुक्रवार को गिरोह के एक सदस्य को हतीसा पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम सलमान अली पुत्र मुजिबुर्रहमान निवासी गांव संदली थाना बरौली जिला गोपालगंज बिहार बताया है। उसके कब्जे से पुलिस ने 11.78 लाख रुपये, अलग-अलग कंपनी के आठ मोबाइल फोन, पांच आधार कार्ड व तीन एटीएम कार्ड बरामद किए हैं।

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दसवीं फेल बना साइबर ठग, एमपी तक फैला जाल 

सलमान अली ने बताया कि उसने 10वीं तक पढ़ाई की है। कोई नौकरी नहीं मिली। वह विवेक यादव पुत्र अंतर सिंह यादव निवासी जे नं. 14 कोलार कॉलोनी झुगिया सारेस नगर भोपाल मध्य प्रदेश, सागर घोसले पुत्र संतोष घोसले निवासी हाउस नं. 114 भीम नगर बिहाइंड खेत चसरावत सीटीटी नगर भोपाल व रचित निवासी भोपाल के संपर्क में आया। जिन्होंने उसको कुछ खाते खुलवाकर दिए। सबने मिल कर नकली पुलिस वाला बनकर हाथरस के व्यापारी की जानकारी प्राप्त कर उससे 12 लाख रुपये खातों में हस्तांतरित कराए। उस रकम को अपने अन्य साथियों के ही अलग-अलग बैंक खातों में नेट बैंकिंग व यूपीआई के माध्यम से भेजा। जो रुपये बैग में मिले, यह वही रुपये हैं। इन रुपयों को मथुरा में निवेश करना था। आरोपी ने कई साथियों के बारे में जानकारी दी है, जो भोपाल मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। 

बाहर पढ़ाने वाले विद्यार्थियों को बनाते थे निशाना 
आरोपी ने बताया कि वह विभिन्न माध्यमों से कोटा व अन्य स्थानों में घर से बाहर पढ़ रहे छात्र-छात्राओं के परिजनों के संबंध में जानकारी जुटाते थे। उसके बाद फर्जी पुलिस की आईडी लगाकर लोगों को डराकर, धमकाकर उनसे खातों में पैसे डलवाते थे। इसके लिए वह कुछ अन्य खाताधारकों की पासबुक, एटीएम कार्ड व मोबाइल नंबर अपने पास रख लेते थे, ताकि पुलिस उन तक न पहुंच सके। 

सलमान दिल्ली से गया था जेल
आरोपी सलमान अली कुछ समय पहले साइबर क्राइम थाना आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट नई दिल्ली द्वारा साइबर ठगी के मामले में जेल भेजा जा चुका है। वहां मुकदमा दर्ज है, वह काफी समय जेल में भी बंद रहा।
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