विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) संगीता शर्मा के न्यायालय ने छेड़खानी के मामले में एक आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थ दंड न देने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना सिकंदराराऊ क्षेत्र के एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने 6 अगस्त 2018 को थाने में तहरीर दी थी। जिसमें कहा था कि वह अपने गांव में पुलिस चौकीदार है। उसने गांव के एक व्यक्ति की शिकायत की थी, इस वजह से वह रंजिश मानता है।
6 अगस्त 2018 की सुबह 11:00 बजे वह भाई की पत्नी के साथ राशन डीलर से राशन लेकर आ रहे थे, तभी उस व्यक्ति ने गंदी-गंदी जाति सूचक गालियां देना शुरू कर दिया। विरोध करने पर पीटा। भाई की पत्नी से छेड़खानी की। इस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ।
विवेचक ने विवेचना करते हुए न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। पुलिस के ''ऑपरेशन कन्विक्शन'' के तहत इस मामले की विशेष निगरानी की गई। मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन शाखा ने प्रभावी पैरवी की। इसकी सुनवाई विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) संगीता शर्मा के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत आरोपी जयप्रकाश को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।