फरीदाबाद में कत्ल किए गए गांव कुंवरपुर निवासी गोपाल की हत्या का पहले भी प्रयास हुआ था। पत्नी के प्रेमी योगेंद्र ने ही चार दिन पहले दो साथियों के साथ उसका अपहरण किया और फिर बेरहमी से पीटकर जेवर क्षेत्र में फेंक गए। बचने पर 14 अक्तूबर की रात को काजल व योगेंद्र ने उसका गला रेत दिया था।
तीन दिन पहले गोपाल के परिजनों के हाथ एक वीडियो लगा, जिससे यह तथ्य सामने आया कि गोपाल का 10 अक्तूबर की रात को अपहरण हुआ था। मारपीट करने के बाद उन्हें जेवर क्षेत्र में मरणासन्न हालत में फेंक दिया गया था। 11 अक्तूबर की सुबह सौतेली बेटी शालिनी अपने दोस्तों के साथ गोपाल को काले रंग की स्कॉर्पियो में ले गई थी।
गोपाल के भाई भूरी सिंह ने बताया कि वे लोग जेवर गए थे, जहां ग्रामीणों से पूछताछ के बाद रात का एक और वीडियो मिला। इसमें गोपाल ने अपने दोस्त योगेंद्र का नाम लिया है। नलकूप पर रात के अंधेरे में मदद मांगने पहुंचे गोपाल ने ग्रामीण को बताया कि उनका दोस्त योगेंद्र अपनी स्विफ्ट डिजाइर कार में फरीदाबाद आया था।
गोपाल ने बताया कि खाटू श्याम जाने के बहाने योगेंद्र ने उन्हें गाड़ी में बैठाया और पीछे उसके दो और साथी बैठ गए। रास्ते में इन लागों ने कपड़े से उनका गला दबा दिया। यहां लाकर पीटा और घायल हालत में फेंककर चले गए। पिटाई से योगेंद्र का चेहरा सूजा हुआ था। भूरी सिंह के अनुसार बृहस्पतिवार को वे लोग फरीदाबाद पहुंचे और दोनों ही वीडियो पुलिस को दिखाईं। इन वीडियो को फरीदाबाद पुलिस ने जांच में शामिल करने का आश्वासन दिया।
गांव में खड़ी है कार
भूरी सिंह ने बताया कि जिस गाड़ी में गोपाल को डालकर जेवर तक लाया गया, वह गांव कुंवरपुर में योगेंद्र के अखाड़े पर ही खड़ी है। अभी तक योगेंद्र के दो साथियों का पता नहीं चला है। उनकी पहचान के लिए भी फरीदाबाद पुलिस से गुहार लगाई है।
पुलिस हिरासत में शालिनी
भूरी सिंह ने बताया कि वीडियो सामने आने के बाद से सौतेली बेटी शालिनी की भूमिका पुलिस की नजर में भी संदिग्ध हाे चुकी है, इसलिए उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने आशंका जताई कि हत्या की योजना में या तो वह शामिल थी, या फिर उसे पूरी जानकारी थी।