हाथरस। गृहकर व जलकर के बकाये पर लगने वाले ब्याज व सरचार्ज पर 100 फीसदी छूट के बाद भी लोग व सरकारी विभाग कर जमा करने के लिए नहीं पसीज रहे हैं। आम जनता व सरकारी भवनों को मिलाकर नगर पालिका परिषद हाथरस द्वारा लगाए गए कर के करीब 5.5 करोड़ रुपये बकाया हैं।
नगर निकायों की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) 15 अगस्त से 15 दिसंबर तक के लिए संचालित है। 15 नवंबर तक आवेदन करने का समय है और जमा की अंतिम तिथि 15 दिसंबर है। नगर पालिका परिषद हाथरस में अब तक मात्र 42 आवेदन ही आए हैं, जिनमें से 18 लोगों ने चार लाख 10 हजार रुपये जमा कराए हैं।
पालिका के टैक्स कलेक्टर लगातार क्षेत्र में जाकर संपर्क कर रहें हैं और बकायेदार विभागों को पत्र भेजे जा रहे हैं, लेकिन कोई कर जमा करने को राजी नहीं है।
सरकारी विभागों पर करीब तीन करोड़ का बकाया
नगर पालिका की सीमा में आ रहे सरकारी भवनों का बकाया करीब तीन करोड़ रुपये है। इनमें सबसे अधिक बकाया करीब 1.10 करोड़ रुपये कृषि उत्पादन मंडी समिति पर है। मंडी प्रशासन ने अपने अधीन भवनों का किराया पिछले वर्ष जमा कर दिया था, लेकिन आवंटित दुकानों पर लगे कर को जमा करने से मंडी ने इन्कार कर दिया। वर्ष 2016 में जीआईएस सर्वे के बाद से रेलवे पर करीब 90 लाख रुपये बकाया है। इसी तरह विद्युत विभाग, जिला अस्पताल, सीएमओ कार्यालय, पुलिस विभाग, उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग, श्रम विभाग आदि पर बकाया है। इनमें कुछ ही विभाग हैं, जो नियमित कर जमा करते हैं।
आम लोगों पर 2.5 करोड़ बकाया
शहर के रिहायशी व व्यावसायिक भवनों पर करीब 2.5 करोड़ का बकाया है। नगर पालिका से हर साल करीब 32 हजार बिल जनरेट किए जाते हैं, जिनमें व्यावसायिक भवन भी शामिल हैं। शहर के प्रतिष्ठित निजी स्कूल, बड़े होटल, शोरूम और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी इस लिस्ट में शामिल हैं। इन पर लगभग 1.46 करोड़ रुपये बकाया हैं, जिनमें टॉप टेन बकायेदारों पर पालिका के 61.10 लाख रुपये बकाया हैं।
ओटीएस का प्रचार प्रसार किया जा रहा है, लेकिन बकायेदार कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं। बड़े बकायेदारों की सूची बना ली गई है। गृहकर व जलकर जमा न करने वाले बड़े बकायेदारों को अंतिम डिमांड नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस के बाद भी कर जमा न करने वालों के रिकवरी सर्टिफिकेट जारी किए जाएंगे। सरकारी विभागों से भी लगातार पत्राचार किया जा रहा है।
-रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद हाथरस