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सरौठ के आइटीबीपी जवान को हजारों लोगों ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई

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सरौठ के आइटीबीपी जवान को हजारों लोगों ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई
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गांव में शव पहुंचते ही मचा कोहराम, आइटीबीपी जवानों की टुकड़ी लेकर पहुंची शव
मौके पर डीएम, एसपी, एएसपी, एसडीएम और सीओ भी पहुंचे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद (हाथरस)
सादाबाद। भारतीय तिब्बत पुलिस सीमा बल में तैनात सादाबाद क्षेत्र के गांव सरौठ के जवान देवेंद्र सिंह की मौत ड्यूटी के दौरान अचानक हुई ऑक्सीजन की कमी की वजह से पांच अगस्त को हो गई। गुरूवार को जब आइटीबीपी के जवानों की एक टुकड़ी शव को गांव लेकर पहुंची तो हजारों लोगों की भीड़ जवान के अंतिम दर्शनों को उमड़ पड़ी। नम आंखों से सभी ने जवान को अंतिम विदाई दी। इधर, परिजनों में कोहराम मचा रहा। मौके पर अफसरों और राजनेताओं ने भी पुष्प चक्र अर्पित किए।
जानकारी के मुताबिक, जवान देवेंद्र सिंह पुत्र सुग्रीव सिंह उम्र करीब 25 वर्ष साल 2013 में भारत तिब्बत पुलिस सीमा बल में भर्ती हुआ था। इस समय वह लेह लद्दाख में भारतीय चीन सीमा पर तैनात था। पांच अगस्त को ड्यूटी के दौरान देवेंद्र को सांस लेने में दिक्कत हुई, जिसके बाद उसे वहीं एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, लेकिन मौसम खराब होने से एअर लिफ्ट के जरिए उसे चंडीगढ़ लेकर नहीं आया जा सका, जिससे उसकी मौत हो गई थी। गुरूवार को मृतक जवान देवेंद्र के शव को एयर लिफ्ट के जरिए पहले तो चंडीगढ़ तक लाया गया, उसके बाद उसे सरकारी गाड़ी से उसके गांव लाया गया।
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दोपहर करीब सवा दो बजे आईटीबीपी की एक टुकड़ी देवेंद्र के शव को गांव में लेकर पहुंची तो कोहराम मच गया। हजारों लोगों की आंखों से आंसू बह निकले। माहौल गमगीन हो गया। मौके पर वहां आईटीबीपी बरेली के जवानों की एक और टुकड़ी पहुंच गई। शव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम और चीख-पुकार मच गई। सात माह की गर्भवती पत्नी ममता की हालत ज्यादा ही खराब हो गई। मां अनार देवी और पिता सुग्रीव की आंखों से अश्रुधारा बह रही थी। दोनों भाई भी गमगीन हालत में थे। बेटी राधा भी गम में डूबी हुई थी। देवेंद्र के शव को आइटीबीपी जवानों ने सलामी देकर और शस्त्र झुकाकर राष्ट्रीय ध्वज के साथ सम्मान दिया। उसके बाद मृतक के छोटे भाई अरविंद ने भाई के शव को मुखाग्नि दी। इस दौरान डीएम प्रवीन कुमार लक्षकार, एसपी एसएस मीणा, एएसपी सिद्धार्थ वर्मा, एसडीएम ज्योत्स्ना बंधु, तहसीलदार टीपी सिंह, सीओ योगेश कुमार, कोतवाली निरीक्षक अरविंद राठी आदि अफसरों ने पुष्प चक्र अर्पित कर मृतक जवान को श्रद्धांजलि दी।
छोटा भाई अरविंद जुटा है फौज में जाने की तैयारी में
मृतक देवेंद्र सिंह तीन भाईयों में दूसरे नंबर का था। देवेंद्र का बड़ा भाई धारा सिंह दूध का काम करता है, जबकि छोटा भाई अरविंद फौज में जाने की तैयारी में जुटा हुआ है।
2016 में हुई थी शादी, पत्नी है सात माह की गर्भवती
मृतक देवेंद्र की शादी 2016 में पैंगोर राजस्थान से हुई थी। उस पर दो साल की बेटी राधा भी थी, तथा पत्नी ममता भी सात माह की गर्भवती थी। देवेंद्र करीब पौने दो माह पहले ही घर पर छुट्टी व्यतीत करके गया था, लेकिन पत्नी ममता को क्या पता था कि अब उसका पति लौटकर नहीं आएगा।
इन नेताओं ने पहुंचकर दी श्रद्धांजलि
जवान देवेंद्र की मौत की सूचना और शव गांव में आने की सूचना मिलते ही मौके पर सांसद राजवीर सिंह दिलेर, सादाबाद विधायक रामवीर उपाध्याय, जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय, सत्येंद्र शर्मा, चेयरमैन रविकांत अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष गौरव आर्य, डॉ. अविन शर्मा, प्रीती चौधरी, उदय कुमार बाल्मीकि, प्रदीप उर्फ गुड्डू चौधरी, महेंद्र सिंह आचार्य, बबलू गौतम, प्रभात पचौरी, अंकुश गौड सहित कई गांव के प्रधानों आदि ने पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
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एक की जगह चार दुश्मनों को मरवा देता...
पिता सुग्रीव सिंह ने मौजूद अधिकारियों से कहा कि यदि मेरे बेटे को दुश्मन ने मारा होता तो वह अपने छोटे बेटे को भेजकर एक की जगह चार दुश्मनों को मौत के घाट उतरवा देता। उसने कहा कि वह अपने छोटे बेटे को भी देश सेवा के लिए फौज में भेजेगा
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