जिले के सादाबाद, सहपऊ और इससे सटे एटा जिले के 247 गांवों के बाशिंदों को अब लोअर गंगा नहर का मीठा पानी मिलेगा। इसके लिए 903.05 करोड़ रुपये की महायोजना का खाका तैयार कर लिया गया है। योजना के धरातल पर उतरने से न केवल लोगों को जलजनित बीमारियों से मुक्ति मिलेगी, बल्कि खारे पानी के कारण हो रहे पलायन पर भी रोक लगेगी।
जिले के सात विकास खंडों के 644 राजस्व ग्रामों में से 247 गांवों में भूजल स्तर खतरनाक रूप से गिर चुका है। यहां पानी में टीडीएस और लवणता इतनी अधिक है कि नलकूपों से मानक के अनुसार जलापूर्ति असंभव हो गई थी। सांसद अनूप प्रधान ने बताया कि इस समस्या के निदान के लिए 15 जून 2026 को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री की अध्यक्षता में हुई जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक में प्रमुखता से उठाया।
इसके बाद अपर मुख्य सचिव (नमामि गंगे) और मुख्य अभियंता (आगरा क्षेत्र) के निर्देश पर छह अगस्त को लखनऊ में इस मेगा प्रोजेक्ट की प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। उन्होंने बताया कि एटा जिले की जबरा चौकी स्थित लोअर गंगा नहर से कच्चा पानी लिया जाएगा। एटा के ग्राम भदेरा में 94 एमएलडी क्षमता का विशाल जल शोधन संयंत्र बनेगा।
यह प्लांट हाथरस और एटा दोनों जिलों की प्यास बुझाएगा। शोधन के बाद 860.05 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जो 167 मौजूदा उच्च जलाशयों (ओवरहेड टैंक) को भरेगी। 903.05 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महायोजना से जिले की 53 एमएलडी शुद्ध पेयजल की मांग पूरी हो सकेगी। प्रोजेक्ट का सबसे अधिक लाभ सादाबाद और सहपऊ ब्लॉक के शत-प्रतिशत गांवों को मिलेगा। इसके अलावा हाथरस, हसायन और मुरसान ब्लॉक के उन सभी गांवों को मीठा पानी मिलेगा, जो लवणता और खारे पानी से सर्वाधिक प्रभावित हैं।