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Hathras News: नहीं है पालिका की कोई तैयारी.. इस गर्मी में पानी के लिए तरसेगा हाथरस

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शहर के 12 इलाके पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। शहर में 200 से ज्यादा हैंडपंप खराब पड़े हैं। लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। गर्मी में यह समस्या और भी गहराएगी, वजह है, नगर पालिका ने अभी तक पेयजल संकट से निपटने के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाई है। खराब पड़े हैंडपंप रिबोर नहीं हुए हैं, नए लगाने के प्रस्ताव को शासन को मंजूरी नहीं मिल पाई है।
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नगर पालिका क्षेत्र में पिछले पांच सालों में अमृत योजना के तहत जलाशयों के निर्माण के साथ नए नलकूप भी लगवाए गए। घर-घर पेयजल पहुंचाने के लिए पाइप लाइन बिछाई गई। घर-घर में नल के कनेक्शन दिए गए। इनसे कुछ समय तक तो पेयजल की आपूर्ति लोगों को मिली, लेकिन अब पिछले कई माह से यह बंद पड़ी है।

परिसीमन के बाद नगर पालिका में शामिल हुए क्षेत्रों सोखना, गिजरौली, हतीसा, भगवंतपुर, इगलास रोड की विद्यानगर काॅलोनी, गिर्राज काॅलोनी, इगलास रोड चौराहा, मीतई, पापरी, कलवारी, तरफरा, नयाबांस आदि इलाकों में तो अभी पाइप लाइन ही नहीं बिछाई जा सकी है। इनमें से कुछ इलाके ऐसे हैं, जहां पाइप लाइन तो बिछ गई है, लेकिन रिसाव के कारण जलापूर्ति नहीं की जा पा रही। पानी सड़कों पर बहता दिखाई दे रहा है।
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हैंडपंपों को नहीं कराया गया रिबोर
नगर पालिका क्षेत्र में करीब 200 हैंडपंप सूखे पड़े हैं। शिकायतों के बाद भी नगर पालिका ने इन्हें सही नहीं कराया है। नगर पालिका ने इन हैंडपंपों की मरम्मत के लिए एस्टीमेट भी तैयार कराया था, लेकिन उसपर सभासदों ने आपत्ति जता दी। इसके बाद उसकी जांच चल रही है। नया एस्टीमेट अभी तैयार नहीं कराया गया।



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प्रत्येक वार्ड में तीन-तीन नए हैंडपंप लगाने की तैयारी

नगर पालिका ने प्रत्येक वार्ड में तीन-तीन नए हैंडपंप लगाने का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है, लेकिन इसे अभी तक शासन की मंजूरी नहीं मिल पाई है। मंजूरी मिलने के बाद ही नए हैंडपंप लगाए जाएंगे, लेकिन सवाल यह भी है क्या सिर्फ तीन हैंडपंप प्रत्येक वार्ड में काफी होंगे।



बॉक्स

आरओर पानी पिलाने का भी नहीं कोई प्रस्ताव

नगर पालिका ने कुछ साल पहले आरओ पानी की ट्राली सड़कों पर जगह-जगह खड़ी कराई थी, इनसे राहगीरों को पानी मिलता था। लोगों ने योजना को सराहा भी था, लेकिन इसके बाद यह बंद हो गई। इस गर्मी में इस तरह की कोई योजना पालिका की नहीं है।

लोग बोले

-हमारे गांव में नगर पालिका की ओर से पानी की लाइन नहीं डाली गई है। आने वाली गर्मियों में पेयजल का संकट खड़ा होने के पूरे आसार हैं।-भगवान सिंह, निवासी गांव सोखना।

-गांव सोखना में पेयजल को लेकर कोई व्यवस्था नहीं की है। यहां की आबादी काफी अधिक है। हैंडपाइप भी खराब पड़े हैं।-मुन्ना लाल, निवासी सोखना।

-हमारे गांव तक नगर पालिका की सुविधाएं नहीं पहुंच पाई हैं, गांव के लोग परेशान है। गर्मी को देखते हुए हैंडपाइप आदि को सही कराया जाना जरूरी है। देव पंडित, निवासी भगवंतपुर।

-पेयजल की आपूर्ति पर बड़ी धनराशि खर्च करने के बाद भी हमारे गांव के तमाम लोग इस सुविधा से वंचित हैं। जब पानी ही नहीं, घर-घर पानी नहीं पहुंच पा रहा, ऐसी योजना का क्या फायदा।,,,,,सुनील पंडित, निवासी हतीसा।

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वर्जन,,,,,,,,,,

गर्मियों में पेयजल संकट से निपटने की तैयारी हैं, प्रत्येक वार्ड में तीन नए हैंडपाइप लगाए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। लीकेज रोकने के लिए पालिका की तीन व आउटसोर्स से एक टीम सूचना मिलते ही काम पर लग जाती है। लगातार पाइप लाइन सही कराई जा रही हैं। रोहित कुमार सिंह, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका, हाथरस।
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फैक्ट फाइल,,,,,,,,,,

3.5 लाख की आबादी है नगर पालिका क्षेत्र हाथरस की।

11 अवर जलाशयों से होती है पालिका क्षेत्र को पानी की आपूर्ति।

33 नलकूपों के जरिये भरे जाते हैं अवर व भूमिगत जलाशय।

600 हैंडपंप की आवश्यकता है पालिका के 35 वार्डों में।
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