टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराया जा रहा हैडकाउंट सर्वे पूरा हो चुका है। इसी सर्वे के आधार पर विभाग वैक्सीन की मांग भेजेगा। पिछले वर्ष डेढ़ लाख बच्चों को टीके लगाने का लक्ष्य मिला था। इस वर्ष भी लगभग इतने ही बच्चे सर्वे में पाए गए हैं। लक्ष्य निर्धारण के बाद टीकाकरण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
फरवरी 2026 से विशेष टीकाकरण अभियान चलाए जा रहे हैं। 16 फरवरी से 10 दिवसीय मीजल्स रूबेला अभियान चलाया गया था। इसके तहत कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को बूस्टर डोज लगाई गई थी। अभियान में 1699 विद्यालयों को 1,47,693 बच्चों को चिह्नित किया गया था, जिनमें से 50 फीसदी बच्चों को टीके लगाए जा सके। इसके टिटनेस व डिप्थीरिया अभियान की शुरुआत की। यह अभियान भी स्कूल आधारित रहा।
इन विशेष कार्यक्रमों के अलावा अब नियमित टीकाकरण कर रूपरेखा तय की जानी है। बुधवार व शनिवार को टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाते हैं। आशा व एएनएम को विभाग लक्ष्य देता है। डिप्टी सीएमओ डाॅ. एमआई आलम ने बताया कि हेडकाउंड सर्वे को अंतिम रूप दिया जा रहा है। ड्यू लिस्ट तैयार होते ही वैक्सीन की आपूर्ति करा टीकाकरण शुरू कराया जाएगा।