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रैकेट ने मुन्ना भाइयों की पूरी खेप उतारी थी शिक्षक पात्रता परीक्षा में

Thu, 09 Jan 2020 03:11 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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TET फर्जीवाड़े में गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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शिक्षक पात्रता परीक्षा में पकड़े गए मुन्ना भाई ने कई सनसनीखेज खुलासे पुलिस की पूछताछ में किए हैं। इस परीक्षा में एक रैकेट सक्रिय है। इस रैकेट ने पूरी प्लानिंग के तहत उस जैसे काफी मुन्ना भाइयों को दूसरे परीक्षार्थियों के स्थान पर परीक्षा में शामिल कराया।

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पकड़े गए मनीष को मुन्ना भाई बनने के लिए 85 हजार रुपये का ऑफर दिया गया था। उसे यह रुपये परीक्षा के बाद मिलते, लेकिन उससे पहले ही उसे पुलिस ने दबोच लिया। उसे स्थानीय पुलिस ने आगरा पुलिस की सूचना के बाद ही पकड़ा। स्थानीय पुलिस अब इस पूरे मामले को लेकर आगरा पुलिस के संपर्क में है।

यूपी टेट में एक रैकेट ने पूरी प्लानिंग के साथ सॉल्वर उतारे थे। इसके लिए इन सॉल्वरों को रुपये देने का ऑफर दिया गया था। हाथरस में पकड़े गए मुन्ना भाई मनीष कुमार सिंह पुत्र विद्यानंद सिंह निवासी पारथू पर्थू नालंदा बिहार से पूछताछ के बाद अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ ने बताया कि एक पूरा रैकेट इस गोरखधंधे में लिप्त है और उसी ने मनीष जैसे सॉल्वरों को परीक्षा फर्जी परीक्षार्थी के रूप में शामिल कराया। मनीष और उसका दोस्त रंजन बिहार से बुलाए गए।
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मनीष को 85 हजार रुपये का ऑफर दिया गया था। उससे यह कहा गया कि परीक्षा के बाद उसे 25 हजार रुपये मिलेंगे और रिजल्ट में यदि परीक्षार्थी पास हो गया तो शेष रकम उसे मिल जाएगी। एएसपी की मानें तो मनीष और उसके साथी रंजन को इसी गिरोह ने आगरा के निकट एक गांव में ठहराया।

वहां करीब 40-50 साल्वर और मौजूद थे। मनीष का केंद्र चूंकि हाथरस में पड़ गया तो उसे इस गैंग के सदस्यों ने बाइक से हाथरस तक छुड़वा दिया।
उन्होंने बताया कि आगरा पुलिस ने जब उसके साथ रंजन को पकड़ लिया तो रंजन से पूछताछ के बाद यह बात सामने आई कि मनीष नाम का फर्जी परीक्षार्थी हाथरस में परीक्षा दे रहा है।

आगरा के एसपी सिटी की सूचना पर स्थानीय पुलिस ने मनीष को सेठ हरचरन दास गर्ल्स कॉलेज हाथरस से दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देते हुए पकड़ लिया। मनीष जिसके स्थान पर परीक्षा देने के लिए आया था, उसे वह जानता भी नहीं है। मनीष ने पुलिस को यह भी बताया कि वह ग्रेजुएशन व बीएड पास है। उसका बिहार में पिछले दिनों हुई शिक्षक की परीक्षा में चयन हो चुका है।

उसने पूछताछ में यह भी बताया कि जो गिरोह का मुखिया है, उससे उसकी बात आज तक नहीं हुई है। केवल व्हाट्सएप पर ही उसके मैसेज आते थे और उसने व्हाट्सएप के आधार पर ही उसे इस तरह फर्जी परीक्षार्थी बनने को कहा था। एएसपी ने बताया कि आगरा पुलिस के संपर्क में स्थानीय पुलिस है और इस पूरे रैकेट का राजफाश करने के लिए अन्य जानकारी जुटाने में लगी है।

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