यौन शोषण के आरोप में घिरे प्रोफेसर रजनीश पर कॉलेज का प्रबंध तंत्र पूरी तरह से मेहरबान था। भूगोल विभाग में विभागाध्यक्ष बनाने के साथ उसे कॉलेज का अनुशासन अधिकारी बनाया हुआ था। इसके अलावा विज्ञान संकाय प्रभारी, आईटी इंचार्ज, क्रय समिति में सदस्य के तौर पर भी उसे नामित कर रखा है। वह शिक्षक संघ का अध्यक्ष भी था।
प्रोफेसर डॉ. रजनीश ने भूगोल विभाग में अपना अलग केबिन बनाया हुआ था। इसी में वह छात्राओं को प्रैक्टिकल में अंक बढ़वाने, नौकरी लगवाकर कॅरिअर बनाने का झांसा देकर यौन शोषण कर रहा था। काउंसिलिंग, परीक्षा संबंधित मॉडल बनाने और तैयारी कराने के बहाने छुट्टियों में भी छात्राओं को बुलाने की बात सामने आ रही है।
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प्रो.रजनीश ने वर्ष 2001 में पीसी बाग्ला डिग्री कॉलेज में भूगोल विभाग में ज्वाइन किया था। साल 2018 में उसकी पहली शिकायत हुई। माना जा रहा है कि वह कई साल से छात्राओं का यौन शोषण कर रहा था। उसके शोषण की शिकार हुई छात्राएं भले ही सामने नहीं आई हैं, लेकिन उनकी संख्या 10 से 15 हो सकती है।
एक वायरल वीडियो में दिखता है कि वह खुद कैमरा चालू कर फोन फिक्स कर रहा है। छात्रा नोटबुक में कुछ लिख रही है। इसी दौरान आरोपी प्रोफेसर उसके साथ छेड़खानी कर रहा है और उसकी नौकरी लगवाने सहित कई तरह के झांसे दे रहा है। इस तरह के 59 वीडियो और फोटो पुलिस को मिले हैं। कोई छात्रा इसके कहने पर केबिन आने से इन्कार करती तो उसे वीडियो दिखाकर ब्लैक मेल करता था।
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कॉलेज परिसर में विभाग वार कक्ष बने हुए हैं। इन कक्षों में स्टाफ के बैठने की व्यवस्था है, लेकिन उसने अपना अलग से केबिन बना रखा था। इसी में छात्राओं को बुलाकर उनका यौन शोषण करता था। केबिन में अनुमति के आधार पर ही प्रवेश मिलता था।
अरोपी प्रोफेसर पर मेहरबान था कॉलेज का प्रबंधन
यौन शोषण के आरोप में घिरे प्रोफेसर रजनीश पर कॉलेज का प्रबंध तंत्र पूरी तरह से मेहरबान था। भूगोल विभाग में विभागाध्यक्ष बनाने के साथ उसे कॉलेज का अनुशासन अधिकारी बनाया हुआ था। इसके अलावा विज्ञान संकाय प्रभारी, आईटी इंचार्ज, क्रय समिति में सदस्य के तौर पर भी उसे नामित कर रखा है। वह शिक्षक संघ का अध्यक्ष भी था। अनुशासन अधिकारी होने के नाते छात्र-छात्राओं से उसका संपर्क बना रहता था।