घायल नागेंद्र को एंबुलेंस न आने पर ई रिक्शा में ले जाते परिजन। संवाद
- फोटो : Samvad
दुर्घटना में घायल एक युवक मंगलवार की दोपहर को करीब डेढ़ घंटे तक सीएचसी में एंबुलेंस के इंतजार में स्ट्रेचर पर पड़ा तड़पता रहा। करीब डेढ़ घंटे बाद एंबुलेंस आई, तब उसे उपचार के लिए अलीगढ़ ले जाया जा सका। इस मामले ने एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलकर रख दी है।
दरअसल, मंगलवार की दोपहर को आगरा-अलीगढ़ राजमार्ग स्थित फौजी ढाबा के निकट एक ऑटो का टायर बर्स्ट हो गया, जिससे ऑटो असंतुलित होकर आगे चल रहे ई-रिक्शा से टकरा गया। दोनों वाहन पलट गए। ई-रिक्शा में बैठे 17 वर्षीय नागेंद्र पुत्र हरी सिंह, 40 वर्षीय नन्ही एवं अल्ताफ व एक अन्य महिला दबकर घायल हो गए। घायलों को राहगीर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आए। यहां नागेंद्र की हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उसे अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
हैरत की तो बात यह है कि घायल नागेंद्र डेढ़ घंटे तक स्ट्रेचर पर पड़ा तड़पता रहा, लेकिन एंबुलेंस नहीं आई। नागेंद्र के पिता अपने बेटे को ई-रिक्शा में डालकर उपचार के लिए ले जाने लगे। तभी चिकित्सकों ने उनसे और इंतजार करने की बात कही। करीब डेढ़ घंटे बाद एंबुलेंस आई, तब नागेंद्र को इलाज के लिए अलीगढ़ ले जाया जा सका।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डाॅ. दलवीर सिंह रावत का कहना है कि मरीज को स्वास्थ्य केंद्र पर बेहतर उपचार दिया गया, लेकिन गंभीर चोट होने के कारण उसे अलीगढ़ रेफर किया गया था। पीड़ित को एंबुलेंस देर से मिली। इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।