हाथरस। जीएसटी विभाग के बहुप्रतीक्षित नए प्रशासनिक भवन के निर्माण के लिए भूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया विधिवत पूरी कर ली गई है। राजस्व अभिलेखों में वाटर वर्क्स पर चिह्नित भूमि अब औपचारिक रूप से व्यापार कर विभाग के नाम दर्ज हो चुकी है।
शहर के वाटर वर्क्स परिसर में लगभग तीन हजार वर्ग मीटर भूखंड को नए जीएसटी भवन के निर्माण के लिए फाइनल किया गया है। वर्तमान में विभाग का कार्यालय उपयुक्त स्थान व पर्याप्त सुविधाओं के अभाव में संचालित हो रहा है, जिससे अधिकारियों, कर्मचारियों, व्यापारियों व अधिवक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जमीन मिलने से आधुनिक सुविधाओं से युक्त विभागीय कार्यालय का भवन बनने का रास्ता साफ हो गया है।
लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम और निर्माण एवं अनुरक्षण प्रभाग की तकनीकी टीमों ने स्थलीय निरीक्षण कर अपनी प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी हैं। भवन निर्माण का खाका और डीपीआर तैयार करने के लिए सबसे पहले मिट्टी की जांच कराई जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि भूमि की संरचना कितने तल (मंजिल) तक का भार सहने के लिए उपयुक्त है।
उपायुक्त पीके गुप्ता ने बताया कि नया भवन बनने से जिले के हजारों व्यापारियों और अधिवक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। तीन हजार वर्ग मीटर में प्रस्तावित इस नए परिसर में उपायुक्त, सहायक आयुक्त, सचल दल और ऑडिट विंग के अलग-अलग व्यवस्थित कक्ष होंगे। इसके अलावा विशाल पार्किंग, अधिवक्ताओं व व्यापारियों के लिए प्रतीक्षालय, आधुनिक कॉन्फ्रेंस रूम और डिजिटाइज्ड रिकॉर्ड रूम का प्रावधान किया जा रहा है।