गठबंधन की गांठ से अलग होने के बाद अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान करने वाले राष्ट्रीय लोकदल से अब दूसरे दलों के बागी नेताओं ने तार जोड़ लिए हैं। हालांकि रालोद ने जिले की सादाबाद विधानसभा सीट से तो अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है, लेकिन हाथरस और सिकंदराराऊ विधानसभा क्षेत्र में अभी उसके प्रत्याशी घोषित होने बाकी हैं।
सूत्रों की मानें तो इन दोनों ही सीटों पर भाजपा, बसपा और सपा के बागी नेता टिकट पाने के लिए रालोद नेतृत्व से संपर्क साधे हुए हैं और फिलहाल दिल्ली में डेरा जमाए बैठे हैं। रालोद भी इन दोनों सीटों पर बागियों पर दांव लगाने के लिए तैयार दिख रहा है। उम्मीद है कि सोमवार की देर शाम तक रालोद इन दोनाें सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर देगा, जोकि 24 जनवरी को नामांकन कर सकते हैं।
गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव से पूर्व सपा, बसपा और भाजपा में तीनों ही विधानसभा सीटों के लिए दावेदारों की लंबी लाइन थी। एक-एक सीट पर कई-कई दावेदार थे। कुछ नेता तो टिकट की आस में ही इन दलों में शामिल हुए थे, लेकिन जब प्रत्याशी घोषित हुए तो इन सभी की उम्मीद अधूरी रह गई, लेकिन ये नेता चुनाव लड़ने की ख्वाहिश नहीं छोड़ सके हैं और अपनी इसी ख्वाहिश को पूरा करने की खातिर वह कल तक रालोद के साथ कांग्रेस खेमे से भी संपर्क बनाए हुए थे।
दोनों ही पार्टियों के शीर्ष नेताओं से इनकी बात भी चल रही थीं, लेकिन रविवार को जब कांग्रेस ने सपा से गठबंधन बनाने का एलान किया ऐलान किया तो इनमें से कुछ ने तो पूरी ताकत रालोद का टिकट हासिल करने में लगा दी हैं। उम्मीद है कि इनमें से कुछ को कामयाबी भी मिल सकती है।
भाजपा, बसपा और सपा के उम्मीदवारों की नजर भी बागियों के अगले दांव पर है, जिसके बाद वह उसकी क्षतिपूर्ति की रणनीति तैयार करने में जुटेंगे और बागियों की काट भी खोजेंगे। उम्मीद है कि नामांकन के आखिरी दिन तक राष्ट्रीय लोकदल हाथरस और सिकंदराराऊ सीट पर चौंकाने वाले चेहरों को उतार सकता है।