नगर पंचायत द्वारा नगर के 17 वार्डों में नाले-नालियों के ऊपर आवागमन सुगम बनाने के लिए लगाए गए लोहे के जाल अब लोगों की परेशानी का कारण बनते दिख रहे हैं। कुछ ही समय में अधिकांश स्थानों पर ये जाल टूटने लगे हैं। इनकी पत्तियां एक-एक कर टूट रहीं हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों में आक्रोश व्याप्त है।
नगर के वार्ड नंबर चार के अलावा वार्ड नंबर 15, 14, 11, आदि में जालों के टूटने के कारण लोग सड़क हादसों का शिकार हो रहे हैं। नगर की विजय गली, प्रगतिपुरम, मोहल्ला राजनगर नई बस्ती आदि इलाकों में गाड़ियों के पहियों के जालों में फंसने से क्षतिग्रस्त होने के साथ पैदल चलने वाले भी गिरकर जख्मी हो जाते हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि जालों की गुणवत्ता बेहद खराब रही। इस कारण कुछ ही महीनों में स्थिति खराब हो गई। लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन से क्षतिग्रस्त जालों को तत्काल बदलने और स्थायी समाधान की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो किसी बड़े हादसे की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता।
जाल डालने के बाद हमें लगा था कि रास्ता सुविधाजनक हो जाएगा, लेकिन कुछ ही महीनों में ये टूटने लगे। कई बार बच्चे इसमें फंसकर गिर चुके हैं। प्रशासन को तुरंत इसे ठीक कराना चाहिए।
-शिशुपाल गौतम निवासी वार्ड-15
बारिश के दौरान टूटे जालों की वजह से हादसों का डर अधिक रहता है। गाड़ियों के फंसने व पैदल राहगीरों का पैर फंसने का डर बना रहता है। दोपहिया वाहन कई बार फंस चुके हैं। यह बिल्कुल लापरवाही है।
-सौरभ शर्मा निवासी वार्ड नंबर 15
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खराब गुणवत्ता के कारण जाल टिक नहीं सके। कई लोग जख्मी हो चुके हैं। अगर समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो बड़ा हादसा हो सकता है। कई बार शिकायत करने के बाद भी नगर पंचायत प्रशासन ने कोई सुनवाई नहीं की है।
-उमेश शर्मा, नगर पंचायत सदस्य।
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टूटे हुए जालों की जानकारी मुझे प्राप्त हो चुकी है। जहां भी जाल क्षतिग्रस्त हो गए हैं, वहां उन्हें तत्काल बदलने की कार्यवाही की जाएगी।
-विकास जैन, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत