फाइनेंस की गाड़ियों को नंबर बदलकर बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़
कोतवाली पुलिस, एसओजी टीम ने आगरा निवासी एक शातिर को पांच गाड़ियाें के साथ किया गिरफ्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। फाइनेंस की गाड़ियों (कार) को नंबर बदलकर बेचने वाले गिरोह का कोतवाली पुलिस और एसओजी टीम ने भंडाफोड़ किया है। एक आरोपी को पांच गाड़ियाें के साथ गिरफ्तार किया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक ने कोतवाली सदर में गिरोह के बारे में वार्ता कर पूरी जानकारी दी।
एएसपी सिद्धार्थ वर्मा ने कोतवाली में बताया कि कुछ लोगों के दूसरे जनपदों व राज्यों की गाड़ियों की नंबर प्लेट बदल कर बेचने राया की तरफ से हाथरस आने की सूचना मिली थी। एसओजी प्रभारी सुधीर राघव और कोतवाली के एसआई प्रमोद कुमार अपनी टीम मथुरा रोड पर गुलाब बाग के आसपास लग गए। इस बीच मुखबिर ने सामने से आ रहीं दो कारों की ओर इशारा किया, जिस पर गाड़ियां रुक गईं। एक गाड़ी के चालक को पकड़ लिया तो दूसरी गाड़ी में से दो लोग भागने लगे। उनका पुलिस ने पीछा भी किया, लेकिन दोनों भागने में कामयाब रहे।
पकड़े गए अभियुक्त ने अपना नाम चंद्रशेखर पुत्र दामोदर प्रसाद निवासी सदर भट्टी थाना मंटोला आगरा बताया। उसके बताए गए स्थान से तीन और गाड़ियों को पुलिस ने बरामद किया। इस तरह पुलिस ने करीब 30 लाख रुपये कीमत की पांच गाड़ियां बरामद कीं। भागे हुए साथियों का नाम चंद्रशेखर ने श्याम तिवारी पुत्र रामविला तिवारी निवासी सिकरारी लालपुर थाना अवागढ़ एटा और सचिन ठाकुर पुत्र विजेंद्र सिंह निवासी गनेशपुर पटना थाना जलेसर एटा बताया। गिरफ्तार करने वाली टीम में एसएचओ प्रवेश राणा, एसओजी प्रभारी सुधीर राघव, एसआई प्रमोद कुमार, एचसी उपेंद्र सिंह, महेंद्र प्रताप, भूपेंद्र, अजय चौधरी, विशाल, जितेंद्र सिंह के नाम शामिल हैं।
ऐसे करते थे गाड़ियों के बेचने का धंधा
हाथरस। पकड़े गए शातिर ने बताया कि इन गाड़ियों को बैंक अथवा कंपनियों से कर्ज पर लिया जाता था। किश्त का दबाव बनने पर अन्य जनपदों के बेच देते हैं। इन पांचों गाड़ियों का सौदा करने के लिए हाथरस आ रहे थे।
फाइनेंस कंपनी से लेकर एआरटीओ दफ्तर तक सेटिंग
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शातिर बदमाश फाइनेंस कंपनी से लेकर एआरटीओ दफ्तर तक सेटिंग रखते हैं। तभी तो फाइनेंस की गाड़ी पर नो ड्यूज एआरटीओ दफ्तर से सेटिंग के आधार पर मिल जाता है और दूसरे ग्राहक को इस बात की जानकारी तब होती है, जब वह खरीदी हुई गाड़ी को अपने नाम नहीं करा पाता है।
मास्टर माइंड की पुलिस को तलाश
फाइनेंस की गाड़ियों को बेचने वाले गिरोह को चलाने वाले मास्टर माइंड की पुलिस को तलाश है। हालांकि अभी पकड़े गए शातिर ने इस बारे में पुलिस को कुछ नहीं बताया है, लेकिन आगे उससे इसी बारे में पूछताछ की जाएगी। यहां पर यह भी बताया कि इसके पीछे किसी शातिर दिमाग का खेल है।