हाथरस। शहर के बीचों-बीच स्थित प्राचीन तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए हर बार बड़े-बड़े वादे तो किए जाते हैं, लेकिन आज तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। नतीजतन, यह तालाब शहर को सिवाय प्रदूषण के कुछ नहीं दे रहा। यही नहीं कुछ लोगों के लिए तो यह खुदकुशी का आसान जरिया भी बन गया है, जबकि इसके आसपास शौच आदि करने वाले कुछ लोग अक्सर अंधेरे में गिरकर हादसे के शिकार हो जाते हैं।
तालाब चौराहा कई वर्षों से शहर के लोगों के लिए अभिशाप बना हुआ है। दूषित पानी तालाब में एकत्रित होने से आसपास के नलों से भी बदबूदार पानी निकलता है। नगर पालिका प्रशासन द्वारा तालाब के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव भी लगभग तीन माह पूर्व बोर्ड की बैठक में रखा गया था। सभासदों ने इसे पास भी कर दिया, लेकिन पालिका द्वारा निकाले गए टेंडरों पर सभासदों ने आपत्ति लगा दी। चेयरमैन प्रतिनिधि वासुदेव माहौर ने अलीगढ़ से इंजीनियरों की टीम बुलाकर तालाब का निरीक्षण भी कराया और एस्टीमेट भी बनाने के लिए कहा। इस बात को भी कई महीने बीत चुके हैं। अब तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए होली के मौके पर पुन: टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। तब कहीं जाकर तालाब सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू हो पाएगा।
ये है तालाब के सौंदर्यीकरण की योजना
हाथरस। प्राचीन तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए नगर पालिका द्वारा जो योजना बनाई गई है। उसके मुताबिक यदि तालाब का सौंदर्यीकरण हुआ तो लोगाें को घूमने-फिरने के लिए एक बेहतर स्थान का तोहफा मिलेगा। फिलहाल तालाब में जाने वाला शहर का दूषित पानी पूरी तरह से रोक दिया गया है। छोटी-बड़ी सभी नालियों का पानी तालाब में जाना बंद है। नगर पालिका द्वारा तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए गंदा पानी निकाल कर इसमें साफ-सुथरा पानी भरने की योजना है। तालाब के चारों तरफ सीढ़ियों का निर्माण। लोगों के बैठने के लिए सीमेंटेड बैंच बनाई जाएंगी। टहलने के लिए चारों तरफ सीमेंटेड रास्ता बनाया जाएगा। सिकंदराराऊ रोड की तरफ दो मेन गेट और बीच में रास्ता और मनोरंजन के लिए स्वच्छ जल के बीच वोटिंग कराए जाने की योजना है।
-तालाब का सौंदर्यीकरण कराने के लिए प्रस्ताव पास हो गया है। होली के बाद टेंडर प्रक्रिया होनी हैं। तालाब की लंबाई-चौड़ाई की नाप कराकर चारों तरफ सीढ़ियां, बैठने के लिए बैंच, गंदा पानी निकाल कर स्वच्छ जल भरवाने के साथ-साथ वोटिंग की व्यवस्था की जानी है। यह कार्य शीघ्र ही शुरू कराया जाएगा।
- डौली माहौर, चेयरमैन हाथरस
- उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी पालिका को दूषित पानी तालाब में जाने से रोकने के निर्देश दिए हैं। दूषित पानी जाने से शहर का जल भी दूषित हो रहा है। तालाब सौंदर्यीकरण की योजना में नगरपालिका द्वारा तेजी से काम नहीं किए गए जनपदीय जनमंच आंदोलन करेगी।
- हरीश कुमार शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता।