थाना चंदपा क्षेत्र के चर्चित बिटिया प्रकरण में राहुल गाधी ने गांव का दौरा किया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आरोप लगाया था कि बिटिया प्रकरण के आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। उनके बयान के बाद इस मामले में मानहानि का परिवाद दाखिल किया है।
लोकसभा सांसद एवं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल मानहानि परिवाद में पीठासीन अधिकारी के अवकाश पर होने के चलते 10 फरवरी को सुनवाई नहीं हो पाई। अगली सुनवाई की तिथि 1 मार्च नियत की गई है।
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थाना चंदपा क्षेत्र के चर्चित बिटिया प्रकरण में गत 12 दिसंबर राहुल गाधी ने गांव का दौरा किया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आरोप लगाया था कि बिटिया प्रकरण के आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। उनके बयान के बाद इस मामले में कोर्ट से बरी हुए बूलगढ़ी निवासी रामकुमार उर्फ रामू ने मानहानि का परिवाद दाखिल किया है। इसमें आरोप लगाया था कि वोट बैंक की राजनीति और जातीय विद्वेष के लिए नेता प्रतिपक्ष ने जानबूझकर मृत मुद्दे को पुनर्जीवित करने, परिवादी को समाज में अपमानित करने व उसका चारित्रिक हनन करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट की।
परिवाद में कहा गया है कि वादी इस मामले में न्यायालय से दोषमुक्त हो गया था और दो साल की जेल यातना के बाद उसने न्यायालय के आदेश से जो प्रतिष्ठा प्राप्त की थी, उसको राहुल गांधी ने तार-तार कर दिया। जिसने भी इस पोस्ट को पढ़ा, सब की निगाहों में परिवादी निर्दोष होने के बाद भी अपराधी बन गया। पूर्व में वादी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से विधिक नोटिस भी भेजा था, जिसका जवाब नहीं दिया है।इस परिवाद की सुनवाई एसीजेएम,एमपी/एमएलए कोर्ट दीपक नाथ सरस्वती के न्यायालय में चल रही है। अब इस मामले की सुनवाई एक मार्च को होगी।