स्वास्थ्य विभाग उच्च जोखिम प्रसव (हाईरिस्क प्रेग्नेंसी) वाली महिलाओं को खोज रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक करीब 3233 एचआरपी महिलाओं को चिह्नित किया जा चुका है। सोमवार को जिला महिला अस्पताल में 12 गर्भवती महिलाओं को एचआरपी के लिए चिह्नित किया गया है।
प्रसव के बाद महिलाओं व बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए जिले का स्वास्थ्य विभाग प्रयास कर रहा है। इस क्रम में उच्च जोखिम वाली महिलाओं की खोज के लिए विभाग द्वारा हर माह की एक, नौ, 16 व 24 तारीख को एचआरपी डे मनाया जाता है। इसके तहत जिला महिला अस्पताल और जिले के सभी सीएचसी व पीएचसी पर गर्भवती महिलाओं की जांच की जाती है।
इस दौरान गर्भवती महिलाओं में एनिमिया, रक्तचाप, डायबिटीज आदि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जांच की जाती है। इस क्रम में सोमवार को एचआरपी डे पर गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। जिला महिला अस्पताल में कुल 55 गर्भवती महिलाएं पहुंचीं। इनमें से 12 महिलाओं को एचआरपी के लिए चिह्नित किया गया। इन सभी महिलाओं में मिलीं स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का उपचार कर स्वास्थ्य विभाग इनका सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करेगा।
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एचआरपी वाली महिलाओं को चिह्नित करने के लिए सोमवार को एचआरपी डे मनाया गया। 12 महिलाएं एचआरपी की श्रेणी में चिह्नित की गई हैं। इन सभी में मिलीं स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का उपचार कर सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित किया जाएगा।
- डॉ. पुष्पलता, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल हाथरस।
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अवकाश के बाद जिला अस्पताल में उमड़े मरीज
हाथरस। रविवार के साप्ताहिक अवकाश के बाद सोमवार को खुले जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। दिन भर में यहां करीब डेढ़ हजार मरीज पहुंचे। इनमें सबसे ज्यादा करीब 500 मरीज सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार के थे। पर्चा काउंटर से लेकर दवा वितरण कक्ष तक मरीजों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। घंटों कतार में लगने के बाद मरीजों को उपचार मिल सका। चिकित्सकों के कक्ष के बाहर अपनी बारी के इंतजार में मरीज एक-दूसरे से उलझते नजर आए। इन्हें संभालने में अस्पताल के सुरक्षा कर्मियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. सूर्यप्रकाश का कहना है कि साप्ताहिक अवकाश के बाद अस्पताल खुला था, इसलिए मरीज ज्यादा पहुंचे। सभी को उपचार और परामर्श दिया गया है।