छात्राओं का यौन शोषण करने के आरोपी चीफ प्रॉक्टर के मामले में बुधवार को एडीजे एफटीसी कोर्ट प्रथम में सुनवाई हुई। यहां पांचवें गवाह के रूप में चिकित्सक के बयान दर्ज किए गए। मुकदमे का ट्रायल तेजी से चल रहा है। प्रकरण में अगली तारीख 19 दिसंबर लगी है।
पीसी बागला महाविद्यालय में भूगोल के विभागाध्यक्ष और मुख्य अनुशासन अधिकारी रहे डाॅ. रजनीश के खिलाफ छात्राओं के यौन शोषण का मामला अब फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम में चल रहा है। इस केस में जल्दी तिथि लग रही हैं, जिससे सुर्खियों में रहे इस मामले में त्वरित निर्णय तक पहुंचा जा सके।
डाॅ. रजनीश की एक पीड़ित छात्रा ने महिला आयोग में शिकायत की थी। इसका संज्ञान लेकर कोतवाली हाथरस गेट पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी, जिसमें पुलिस खुद वादी बनी। आरोपी प्रोफेसर अपने मोबाइल में कैमरा सॉफ्टवेयर के जरिये इनको रिकॉर्ड करता था। जांच में यह भी सामने आया था कि वीडियो पोर्न साइट पर भी डाले जाते थे।
20 साल से आरोपी द्वारा यौन शोषण की बात सामने आई थी। पुलिस को चीफ प्रॉक्टर के मोबाइल व लैपटॉप में 59 वीडियो व फोटो मिले थे। 21 मार्च को पुलिस ने गिरफ्तार कर प्रोफेसर को जेल भेजा था। तब से आरोपी जेल में है। एडीजीसी मुकेश कुमार ने बताया कि प्रकरण में वादी के अलावा तीन पीड़ित छात्राओं के बयान हो चुके हैं। बुधवार को पांचवें गवाह के रूप में चिकित्सक की गवाही हुई।