एसीजेएम एमपी-एमएलए कोर्ट दीपकनाथ सरस्वती के न्यायालय में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल मानहानि के परिवाद की सुनवाई के दौरान सोमवार को कोई गवाह नहीं पहुंचा। न्यायालय ने अब इस मामले की सुनवाई के लिए 24 अप्रैल की तिथि नियत की है।
थाना चंदपा क्षेत्र के एक गांव निवासी रामकुमार उर्फ रामू की ओर से न्यायालय में परिवाद दाखिल किया गया था। परिवाद में कहा गया था कि न्यायालय के निर्णय के बावजूद वोट की राजनीति और जातिगत विद्वेष के लिए राहुल गांधी ने अकारण 12 दिसंबर 2024 को चंदपा क्षेत्र की बिटिया के गांव का दौरा किया था। उन्होंने मृत मुद्दे को पुनर्जीवित करने के लिए जानबूझकर परिवादी को समाज में अपमानित करने एवं चारित्रिक हनन के उद्देश्य से अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट की।
आरोप है कि राहुल गांधी ने न्यायालय के निर्णय की जानकारी होने के बावजूद दोष मुक्त हुए युवकों को गैंगरेप का आरोपी बताया था। रामकुमार उर्फ रामू ने परिवाद में कहा है कि न्यायालय के निर्णय के सहारे वह एक सामान्य जिंदगी जी रहा था। जनसाधारण में उसको खोया हुआ सम्मान पुनः प्राप्त हो गया था, लेकिन राहुल गांधी की गैर जिम्मेदाराना पोस्ट से एक बार पुनः उसकी प्रतिष्ठा तार-तार हो गई। इस परिवाद में परिवादी रामकुमार उर्फ रामू के बयान हो चुके हैं।