दुर्घटना में एमआर की मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर लगी भीड़। संवाद
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वृंदावन के बांकेबिहारी शर्मा शुक्रवार की सुबह छोटी बहन रुक्मिणी से वादा करके निकले थे कि वह दोपहर तक आ जाएंगे और शाम को धूमधाम से उसका जन्मदिन मनाएंगे। तीन भाइयों में इकलौता बांके अपनी छोटी बहन से बेहद प्यार करते था। इसी वजह से रुक्मिणी जन्मदिन की शुभकामनाएं न देने पर नाराज भी हुई थीं, जिसके बाद बांके ने ये आखिरी शब्द अपनी बहन से कहे थे। अब इन्हीं बातों को याद करके उसके आंसू रुक नहीं रहे।
पोस्टमार्टम हाउस पर खुद को संभालते हुए रुक्मिणी ने बताया कि बांकेबिहारी तीन बहनों में इकलौते थे। दो बहनों की शादी हो चुकी है। दो साल पहले ही बांके की शादी हुई थी और एक महीने पहले उनकी पत्नी ने बेटे को जन्म दिया है। सिजेरियन डिलीवरी के कारण बांके की पत्नी बच्चे के साथ अपने मायके गोवर्धन में थीं। सुबह हादसे की खबर मिलते ही वे ससुराल लौटीं।
रुक्मिणी ने बताया कि बांके बेटे के आने की खुशी में अपनी हर दुख तकलीफ भूल गए थे। परिवार के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहे थे। दो दिन पहले ही वह बहाने से गोवर्धन गए थे और बेटे से मिल आए। बेटे को लाड़-दुलार करने के बाद वह कुछ ही घंटे में वापस भी आ गए थे।
पिता दिल के मरीज, मां भी बीमार
बांकेबिहारी के पिता मंगतू शर्मा गुजरात में काम करते हैं। रुक्मिणी ने बताया कि वे दिल के मरीज हैं, इसलिए उन्हें केवल हादसे की जानकारी दी है। मां की तबीयत भी एक सप्ताह से खराब चल रही है। उन्होंने बताया कि मां व भाभी को भी हादसे में घायल होने की जानकारी है। बहन ने फफकते हुए कहा कि जब भाई को लेकर घर पहुंचेंगे तो इन सबको वे कैसे संभालेंगी।
बड़ी संख्या में पहुंचे एमआर
हादसे की जानकारी पर एमआर बांकेबिहारी के साथियों में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में एमआर अपना काम छोड़कर पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए और बिलखते परिजनों को सांत्वना दी। बांके के करीबी दोस्तों की आखों में भी आंसू थे। दोपहर बाद शव का पोस्टमार्टम हो सका, जिसके बाद परिजन शव लेकर यहां से निकले।