फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hathras News: बबूल गांव में पहुंचा दूसरे कांवडि़या का शव, मचा कोहराम

विज्ञापन
विज्ञापन
महाराष्ट्र के वर्धा में हुए सड़क हादसे में शनिवार रात दूसरे कांवडि़या पीयूष दीक्षित की मौत हो गई थी। सोमवार की सुबह हाथरस जंक्शन के गांव बबूल में पीयूष का शव पहुंचा। शव आते ही परिवार में कोहराम मच गया।
विज्ञापन

हरिद्वार से रामेश्वरम जा रही कांवड़ यात्रा में शामिल लोगों को ट्रक ने रौंद दिया था। हादसे में जगदीश निवासी समामई, सासनी की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि इसी गांव के भोला पंडित के ममेरे भाई पीयूष दीक्षित(16) की शनिवार रात उपचार के दौरान मौत हो गई थी।

पीयूष के दो भाई व एक बहन के बीच दूसरे नंबर का था। वह सासनी में केएल जैन इंटर कॉलेज में कक्षा नौ का छात्र था। पोस्टमार्टम के बाद रविवार दोपहर को शव हाथरस के लिए भेजा गया। गांव बबूल में सोमवार की सुबह से ही भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। सुबह साढ़े नौ बजे शव के आते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां व बुआ का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस सुरक्षा में अर्थी उठी। अंत्येष्टि के बाद तक एसडीएम, सीओ व कई थानों का फोर्स गांव में मौजूद रहा।
विज्ञापन


पिता बोले- बेटा पढ़ाई में होशिया था

पिता योगेश ने बताया कि उनका बेटा पढ़ाई में काफी होशियार था। छोटा होने के कारण सभी उसे प्यार करते थे। दो जनवरी को हादसे की जानकारी होते ही वे वर्धा के लिए रवाना हो गए थे। शनिवार को पहुंचे तो उसका उपचार चल रहा था। कुछ देर बाद चिकित्सकों ने बताया कि वह अब नहीं रहा।




भोला को देख आपा खो बैठे बाबा

छोटे नाती के जाने से आहत बाबा हरी निवास गांव में भोला को देखते ही आपा खो बैठे। भोला एंबुलेंस के पीछे-पीछे विहिप व बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचा था। सोशल मीडिया पर रील डालने व हुजूम एकत्रित करने से बाबा बिफर गए और उसे वहां से जाने के लिए कह दिया। इधर, परिजनों की नाराजगी देख कार्यकर्ता भी वहां से चले गए। भोला ही कांवड़ यात्रा लेकर गया था, जिस कारण वे उसे ही घटना के लिए जिम्मेदार मान रहे थे। सीओ सिकंदराराऊ ने बताया कि सुरक्षा कारणों से फिर भोला को गाड़ी में बैठा दिया। बाद में पुलिस सुरक्षा में ही आखिर में उसे अंत्येष्टि स्थल तक ले जाया गया।



पुलिस सुरक्षा के बीच मृतक का अंतिम संस्कार कराया गया। भोला को लेकर परिजन नाराज थे, जिन्हें समझाकर शांत किया गया। इस दुख की घड़ी में पुलिस प्रशासन परिवार के साथ है। गांव में शांति बनी हुई है।
विज्ञापन




जेएन अस्थाना, सीओ सिकंदराराऊ।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें