कोतवाली में मौजूद मृतक सुभाष के परिजन। संवाद
- फोटो : Samvad
सासनी में तीन दिन पहले इगलास रोड पर लावारिस हालत में मिले जिस शव को हाशिम का समझकर दफना दिया गया था, अब उसकी शिनाख्त पर संशय गहरा गया है। मृतक के कपड़े, सैंडल, कड़ा व हाथ पर बने जाहरवीर बाबा के टेटू से गांव लोहर्रा के परिवार ने उसकी पहचान सुसा उर्फ सुभाष के रूप में की है।
पुलिस डीएनए टेस्ट कराने की बात कर रही थी कि इस बीच सोमवार की देर शाम खबर मिली कि हाशिम जिंदा है और वह हैदराबाद में है। पुलिस अब हैदराबाद जाकर इस बात की पुष्टि करेगी।
नौ मई की सुबह सासनी में इगलास रोड पर जय दुर्गा धाम कॉलोनी में एक युवक का क्षत-विक्षत शव मिला था। शव की हालत काफी खराब थी। जानवर भी उसे खा चुके थे। गांव गढ़ौआ के रहने वाले साबिर ने शव की शिनाख्त अपने बेटे हाशिम (25) के रूप में की थी। साबिर ने चार मई को गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
हाशिम दो मई से लापता था। शव की शिनाख्त के साथ ही पिता ने कोतवाली सासनी में पांच नामजद व सात अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट भी दर्ज करा दी थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया था, जिसके बाद मुस्लिम रीति रिवाज से उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया था।
यह सब होने के बाद सोमवार की सुबह गांव लोहर्रा के एक परिवार ने कोतवाली पहुंचकर पुलिस में खलबली मचा दी। लोहर्रा के नौरंगीलाल ने दावा किया कि वह शव हाशिम का नहीं, बल्कि उनके 32 वर्षीय बेटे सुभाष उर्फ सुसा का है। वह पांच मई से घर से लापता है।
उनका कहना था कि फोटो में शव के हाथ पर जाहरवीर बाबा का टेटू बना है। उसके हाथ में कड़ा था और कपड़े व सेंडल भी पहचाने। सुभाष के भाई राजेश कुमार ने थाने में तहरीर दी। जानकारी पर हाशिम का परिवार भी आ गया। दोनों परिवारों के अपने-अपने दावे पर पुलिस ने डीएनए टेस्ट कराने की बात कहकर मामला शांत किया।
दो परिवार अपने-अपने दावे कर रहे हैं। शव की सही शिनाख्त के लिए डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हैदराबाद में युवक की सूचना मिली है। अभी इसकी पुष्टि नहीं है। छानबीन की जा रही है।
हिमांशु माथुर, सीओ सिटी