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Hathras News: फर्जीवाड़े में फंसे पालिका अफसर-कर्मियों पर गिरेगी गाज

Fri, 29 May 2026 02:30 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
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प्रतीकात्मक चित्र। - फोटो : Archive
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नगर पालिका परिषद में आउटसोर्सिंग फर्म के चयन और सफाई कर्मियों के मानदेय भुगतान में हुए बड़े फर्जीवाड़े को लेकर आखिरकार गाज गिरनी तय हो गई है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए गए एमआरएफ सेंटर के संचालन के नाम पर 12 सफाई मजदूरों का दोहरा भुगतान दिखाकर पालिका को हर महीने लाखों रुपये की चपत लगाई जा रही थी।
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अमर उजाला ने 10 फरवरी 2025 को इस खबर के प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसके बाद प्रशासन स्तर से जांच कराई गई थी। फर्म की चयन प्रक्रिया में शामिल छह दोषी अधिकारियों व कर्मियों के नाम वरिष्ठ कोषाधिकारी को भेज दिए हैं।






नगर पालिका की 19 अगस्त 2023 को संपन्न हुई बोर्ड बैठक में प्रस्ताव संख्या-सात के तहत स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत निर्मित एमआरएफ सेंटर के संचालन के लिए आउटसोर्सिंग के माध्यम से 12 सफाई मजदूरों की आपूर्ति का प्रस्ताव पारित किया गया था। आरोप है कि इसके लिए बिना उचित निविदा प्रक्रिया (जेम पोर्टल नियमों की अनदेखी) अपनाए ब्लैक इंफ्राटेक संस्था को कार्य सौंप दिया गया।
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हद तो तब हो गई, जब ईपीएफ चालान और अभिलेखों के मिलान में यह सामने आया कि जो 12 सफाई मजदूर एमआरएफ सेंटर पर तैनात दिखाए गए थे, उन्हीं के जैसे नामों के मजदूरों को डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन कार्य में भी तैनात दिखाकर दोनों जगह से भुगतान उठाया जा रहा था। प्रत्येक सफाई कर्मी पर करीब 12 हजार रुपये के हिसाब से पालिका को हर महीने लगभग डेढ़ लाख रुपये की अतिरिक्त चपत लगाई जा रही थी।पालिका के सभासद मनीष अग्रवाल, दिनेश कुमार, धर्मेंद्र कुमार, सुंदरम शर्मा, सुनील अग्निहोत्री आदि ने इसकी शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज कराई थी।






एक साल से लंबित थी कार्रवाई
सभासदों की शिकायत व खबर प्रकाशित होने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित समिति ने इस पूरे प्रकरण की जांच की थी। जुलाई 2025 में सौंपी गई जांच आख्या में इस प्रक्रिया को पूरी तरह दोषपूर्ण पाया गया और दोषी कार्मिकों को चिह्नित करने के निर्देश दिए गए थे। करीब एक साल से शासन द्वारा दोषियों के नाम मांगे जा रहे थे, जिस पर कार्रवाई करते हुए वर्तमान अधिशासी अधिकारी के जरिये सूची वरिष्ठ कोषाधिकारी को प्रेषित कर दी है। इस सूची में तत्कालीन ईओ व तीन सफाई निरीक्षक सहित छह नाम हैं।
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लगातार रिमाइंडर आ रहे थे। जरूरी पत्रावलियां देखने के बाद सभी छह लोगों के नाम भेजे गए हैं। शासन स्तर से मामले में कार्रवाई होगी।

-रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद हाथरस
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