ब्रजभाषा कवि सम्मेलन में आरती मद्रासी को सम्मानित करते आयोजक एवं अतिथि। स्रोत : स्वयं
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मेला श्रीदाऊजी महाराज के ब्रजभाषा कवि सम्मेलन में शुक्रवार रात हास्य, व्यंग्य व ओज की कविताओं की रसवर्षा हुई। मुख्य आकर्षण दक्षिण भारत की ब्रजभाषा कवयित्री आरती मदरासी रहीं, जिनके मदरासी लहजे में ब्रजभाषा की कविताएं सुनकर श्रोता उनके कायल हो गए।
कवि सम्मेलन से पूर्व काका हाथरसी की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि गोष्ठी में उनकी प्रसिद्ध कविताओं का सामूहिक वाचन किया गया। अध्यक्षता अमृत सिंह पौनिया ने की, जबकि मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता दिवाकर और ब्रह्माकुमारी बीके शांता बहन रहीं। एसडीएम राजबहादुर सिंह ने काका हाथरसी की रचनाएं सुनाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इसके बाद सांसद अनूप प्रधान, जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा उपाध्याय, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाह समेत अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर ब्रजभाषा कवि सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस वर्ष पं. सुरेश चतुर्वेदी स्मृति सम्मान आरती मदरासी को प्रदान किया गया। भगवान मकरंद, चंद्रगुप्त विक्रमादित्य, गाफिल स्वामी, मीरा दीक्षित और गोपाल चतुर्वेदी को भी विभिन्न साहित्यिक सम्मान दिए गए।
कवि सम्मेलन में रामबाबू सिकरवार, मोहित सक्सेना, भगवान मकरंद, कुंवरपाल उपाध्याय, उदयभानी, अक्षय चतुर्वेदी, पूनम शर्मा, रेनू उपाध्याय, रोशनलाल वर्मा, चेतन उपाध्याय और पूरन सागर सहित अनेक कवियों ने काव्य पाठ किया। अध्यक्षीय काव्य पाठ वरिष्ठ ब्रज कवि राधा गोविंद पाठक ने प्रस्तुत किया। संचालन संयोजक आशु कवि अनिल बौहरे ने किया। संवाद