मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि पकी हुई फसलों के लिए यह मौसम अनुकूल है। गेहूं, चना, मटर, मसूर और अरहर जैसी फसलों की कटाई और मड़ाई तुरंत पूरी कर लें। गेहूं की कटाई के बाद बंडल जरूर बांधें, ताकि तेज हवाओं से फसल न उड़े।
हाथरस जिले में आने वाले दिनों में गर्मी का सितम बढ़ने वाला है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कानपुर द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। हालांकि राहत की बात यह है कि इस दौरान बारिश की कोई संभावना नहीं है, जिससे कटी हुई फसलों को नुकसान का खतरा नहीं होगा।
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मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अगले दो दिन आसमान पूरी तरह साफ रहेगा, जबकि शेष दिनों में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। अधिकतम तापमान 35 से 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। उत्तर-पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी हवाएं सात से नौ किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलेंगी।
हवा के झोंके सामान्य से तीन-चार किमी अधिक तेज हो सकते हैं। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि पकी हुई फसलों के लिए यह मौसम अनुकूल है। गेहूं, चना, मटर, मसूर और अरहर जैसी फसलों की कटाई और मड़ाई तुरंत पूरी कर लें। गेहूं की कटाई के बाद बंडल जरूर बांधें, ताकि तेज हवाओं से फसल न उड़े। थ्रेसिंग का कार्य शाम या रात में हवा शांत होने पर ही करें। आम के फलों को झड़ने से बचाने के लिए बागों की सिंचाई करें। कोयलिया रोग या आंतरिक सड़न से बचाव के लिए बोरेक्स का छिड़काव करें।