जिस सहायक अध्यापक के अपहरण का आरोप लगाते हुए कोतवाली सदर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, उनका उपचार लखनऊ के अस्पताल में चल रहा है। संदिग्ध हालात में वह आरपीएफ को रेलवे ट्रैक पर मिले थे और उनका एक हाथ कट चुका था। पुलिस लखनऊ भी पहुंची, लेकिन पत्नी ने पति के ठीक होने के बाद बयान देने की बात कही है।
विभव नगर निवासी अर्चना भारती ने 17 फरवरी को कोतवाली सदर में पांच लोगों पर पति होरीलाल के अपहरण का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अर्चना का आरोप है कि यही पांचों उनके पति को काफी समय से परेशान कर रहे थे। बच्चों के अपहरण व उन्हें जान से मारने की धमकी देकर आरोपी रुपये ऐंठ रहे थे।
नौ फरवरी को उनके पति घर से सरस्वती इंटर कॉलेज जाने की कहकर निकले थे, लेकिन वह वापस नहीं आए। रात में कॉन्फ्रेंस कॉल पर उनकी पति से बात कराई गई और उन्हें छोड़ने के एवज में रुपये मांगे गए। पुलिस ने पांचों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जब छानबीन शुरू की तो मामला और उलझ गया।
सीओ सिटी योगेंद्र कृष्ण नारायण ने बताया कि पांच दिन पहले आरपीएफ हाथरस जंक्शन ने होरीलाल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। ट्रेन से उनका हाथ कट गया है। परिजन उन्हें यहां से आगरा और फिर लखनऊ ले गए थे। इसकी जानकारी पर कोतवाली से निरीक्षक शमीम अहमद लखनऊ भेजे गए, लेकिन पत्नी ने उन्हें कोई खास जानकारी नहीं दी। सीओ के मुताबिक महिला ने पति के ठीक होने के बाद कोतवाली सदर आकर बयान दर्ज कराने की बात कही है।
लेन-देन को लेकर विवाद
सीओ के अनुसार लेन-देन के विवाद में सहायक अध्यापक को सिकंदराराऊ कोतवाली बुलाया गया था। वहां किसी ने शिकायत की थी, जिसमें एक अधिवक्ता मध्यस्थता कर रहे थे। वहां पुलिस ने आपसी विवाद को निपटाने की कहकर होरीलाल को भेज दिया था। इसके बाद आगे की कहानी जानने के लिए पुलिस छानबीन में जुटी है। रेलवे ट्रैक पर वह किस परिस्थिति में मिले, यह भी पता किया जा रहा है। इसके लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आरपीएफ से भी बात की जा रही है।