नगर पालिका परिषद हाथरस ने करों की वसूली नहीं की और इससे करीब 15.54 करोड़ रुपये राजस्व नुकसान हुआ है। इस मामले की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। अब इस मामले में जल्द ही कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
ऑडिट में सामने आया है कि नगर पालिका परिषद हाथरस में वर्ष 2019-20 में शो टैक्स की वसूली नहीं की और इससे 7,30,935 रुपये की आय नहीं हो पाई है। पालिका ने वर्ष 1997-98 से 2019-20 तक जल मूल्य की वसूली नहीं की, इससे पालिका को 11.95 करोड़ की क्षति हुई।
पालिका की संपत्ति पर अवैध कब्जा होने के कारण 3,34,53,903 रुपये की क्षति हुई। पार्किंग का ठेका न छोड़े जाने के कारण वर्ष 2012-13 से 2019-20 तक 1,23,80,830 रुपये की क्षति हुई। बिजली पानी के मूल्य राशि न वसूल किए जाने पर 17,57,880 रुपये की क्षति हुई।
डाॅ. एपी जे अब्दुल कलाम नगरीय और सौरपुंज योजना में जमा अवशेष जमानत 18,82,680.00 जब्त किया जाना अपेक्षित रहा।इस आंकडे के सामने आने के बाद स्पष्ट हुआ है कि अधिकारियों द्वारा राजस्व वसूली में शिथिलिता बरती गई है।
24.35 लाख रुपये किया अनियमित तरीके से भुगतान
ऑडिट में यह भी सामने आया है कि 14 वें वित्त से कराए गए निर्माण कार्यों में 12,06,124 रुपये का अधिक एवं अमान्य भुगतान किया गया। 14 वां वित्त से कराए गए विभिन्न निर्माण कार्यों में 12,29,556 रुपये का अधिक एवं अमान्य भुगतान किया गया।
ऑडिट के दौरान मिली खामियों की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर नगर निकायों से जवाब तलब कर दस्तावेज लिए जाएंगे।
अरविंद सिंघल, जिला लेखा परीक्षा अधिकारी।