हसरत ने अपने ससुर रज्जो पहलवान और पत्नी से मिलकर हत्या की साजिश रची और तमन्ना को लेकर आठ अगस्त को अल्हैपुर स्थित अपनी ससुराल पहुंच गया। यहां तीनों ने उसका सिर काटकर धड़ से अलग कर दिया। धड़ को बोरे में बंद कर रजबहे में फेंक दिया और सिर कुछ दूर आगे जाकर फेंका।
अलीगढ़ निवासी तमन्ना की झूठी आन के लिए पिता, सौतेली मां और नाना ने ही सिर धड़ से अलग कर दिया था और शव के दोनों हिस्से अल्हैपुर रजबहे में फेंक दिए थे। पुलिस ने 12 अगस्त को घटना का खुलासा कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
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सादाबाद के गांव बहरदोई में खेतों से होकर जा रहे रजबहे में गत 10 अगस्त को एक युवती का बोरे में बंद धड़ मिला था। बाद में कुछ दूरी पर उसका सिर भी मिल गया था। अगले दिन कपड़ों के आधार पर युवती की पहचान तमन्ना (21) पुत्री हसरत अली निवासी अधौना, थाना अकराबाद, जिला अलीगढ़ के रूप में हुई थी।
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पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि इस मामले में तमन्ना के पिता हसरत अली, उसकी दूसरी पत्नी रानी, रानी के पिता रज्जो पहलवान उर्फ राजू निवासी अल्हैपुर थाना चंदपा हाथरस को गिरफ्तार किया है। इन्होंने पुलिस को बताया कि तमन्ना के प्रेम संबंध क्षेत्र के एक युवक से थे और वह उसके साथ दो बार घर छोड़कर चली गई थी। इससे समाज में उनकी बदनामी हो रही थी।
एसपी ने बताया कि हसरत ने अपने ससुर रज्जो पहलवान और पत्नी से मिलकर हत्या की साजिश रची और तमन्ना को लेकर आठ अगस्त को अल्हैपुर स्थित अपनी ससुराल पहुंच गया। यहां तीनों ने उसका सिर काटकर धड़ से अलग कर दिया। धड़ को बोरे में बंद कर रजबहे में फेंक दिया और सिर कुछ दूर आगे जाकर फेंका। पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश किया, वहां से इन्हें जेल भेज दिया गया।