व्यापारियों का कहना है कि इस बार कम मीठी गजक की मांग ज्यादा है। लोग स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ऐसी गजक पसंद कर रहे हैं, जिसमें मिठास कम और तिल की मात्रा अधिक हो। इसी के अनुरूप दुकानदार ग्राहकों की पसंद के अनुसार गजक तैयार कर रहे हैं। शुद्ध देसी घी और गुड़ से बनी गजक की विशेष मांग देखी जा रही है।
इस साल गर्मी अच्छी पड़ी है, इसलिए तिल की फसल अच्छी हुई है। तिल महंगे न होने से गजक की भी गुणवत्ता काफी अधिक अच्छी है। ग्राहक हाथरस से दूर-दराज के प्रांतों के लिए भी गजक भेज रहे हैं। दामों में बढ़ोतरी न होने से कारोबार में बूम आ रहा है।-नितिन वार्ष्णेय, गजक के कारोबारी।
हाथरस की गजक हमेशा से बाहर जाती है। बिजनेस के तौर पर नहीं, लेकिन व्यक्तिगत तौर पर महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा आदि कई प्रांतों में भेजने के लिए हम विशेष पैकिंग करा रहे हैं, ताकि दो सप्ताह तक भी गजक ताजा ही बनी रहे।-देवेश कुमार, गजक के कारोबारी।
अब देर रात तक खुल रहीं दुकानें
शहर के प्रमुख बाजारों में सुबह से देर रात तक गजक की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बनी रहती है। मकर संक्रांति जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे कारोबार में और तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। दुकानदारों का कहना है कि आने वाले दिनों में बिक्री में और इजाफा होगा।