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Hathras: दूसरे राज्यों में भी घुल रही हाथरस के गजक की मिठास, शुद्ध देसी घी-गुड़ से बनी ज्यादा की जा रही पसंद

Tue, 06 Jan 2026 02:32 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

लोग स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ऐसी गजक पसंद कर रहे हैं, जिसमें मिठास कम और तिल की मात्रा अधिक हो। शुद्ध देसी घी और गुड़ से बनी गजक की विशेष मांग देखी जा रही है।
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हाथरस शहर के एक गोदाम में तैयार होती गजक - फोटो : संवाद
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विस्तार
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मकर संक्रांति का पर्व नजदीक आते ही हाथरस जिले में गजक का कारोबार इन-दिनों पूरे शबाब पर है। इसकी खुशबू अब केवल स्थानीय बाजारों तक सीमित नहीं रही, बल्कि देश के कई प्रांतों तक फैल चुकी है। हाथरस की गजक का स्वाद अब प्रांत के बाहर रहने वाले लोगों को भी खूब भा रहा है।

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शहर के दुकानदारों के अनुसार हाथरस से दिल्ली के अलावा मुंबई, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश तक गजक व्यक्तिगत तौर पर भेजी जा रही है। कई लोग अपने रिश्तेदारों व परिचितों के लिए हाथरस की पारंपरिक गजक मंगवा रहे हैं। इसके लिए कोरियर और निजी परिवहन सेवाओं का सहारा लिया जा रहा है।

इस वर्ष मौसम भी गजक कारोबार के लिए अनुकूल साबित हो रहा है। दिन में अच्छी धूप और रात में ठंडक के कारण बेहतर गुणवत्ता की गजक बन रही है। सफेद तिल की कीमत भी अपेक्षाकृत कम है, जो बाजार में करीब 200 रुपये प्रति किलो के भाव पर उपलब्ध हैं। इससे कारोबारियों को उच्च गुणवत्ता की गजक तैयार करने में सुविधा मिल रही है।

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व्यापारियों का कहना है कि इस बार कम मीठी गजक की मांग ज्यादा है। लोग स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ऐसी गजक पसंद कर रहे हैं, जिसमें मिठास कम और तिल की मात्रा अधिक हो। इसी के अनुरूप दुकानदार ग्राहकों की पसंद के अनुसार गजक तैयार कर रहे हैं। शुद्ध देसी घी और गुड़ से बनी गजक की विशेष मांग देखी जा रही है।
इस साल गर्मी अच्छी पड़ी है, इसलिए तिल की फसल अच्छी हुई है। तिल महंगे न होने से गजक की भी गुणवत्ता काफी अधिक अच्छी है। ग्राहक हाथरस से दूर-दराज के प्रांतों के लिए भी गजक भेज रहे हैं। दामों में बढ़ोतरी न होने से कारोबार में बूम आ रहा है।-नितिन वार्ष्णेय, गजक के कारोबारी।
हाथरस की गजक हमेशा से बाहर जाती है। बिजनेस के तौर पर नहीं, लेकिन व्यक्तिगत तौर पर महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा आदि कई प्रांतों में भेजने के लिए हम विशेष पैकिंग करा रहे हैं, ताकि दो सप्ताह तक भी गजक ताजा ही बनी रहे।-देवेश कुमार, गजक के कारोबारी।

अब देर रात तक खुल रहीं दुकानें
शहर के प्रमुख बाजारों में सुबह से देर रात तक गजक की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बनी रहती है। मकर संक्रांति जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे कारोबार में और तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। दुकानदारों का कहना है कि आने वाले दिनों में बिक्री में और इजाफा होगा।
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