अजीत सिंह एमजी पॉलिटेक्निक में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। उन पर पूर्व में ही निलंबन की कार्रवाई हुई थी। वह पॉलिटेक्निक के आवास में ही रहते थे। घर की सबमर्सिबल को सुधारते समय अचानक वह करंट की चपेट में आ गए।
हाथरस सदर कोतवाली क्षेत्र के एमजी पॉलिटेक्निक आवास में खराब सबमर्सिबल सुधारते समय करंट की चपेट में आने से पॉलिटेक्निक के निलंबित कर्मचारी की मौत हो गई। चिकित्सक ने जिला अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया था। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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50 वर्षीय अजीत सिंह एमजी पॉलिटेक्निक में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। मृतक के बेटे उपदेश ने बताया कि उनके पिता पर पूर्व में ही निलंबन की कार्रवाई हुई थी। वह पॉलिटेक्निक के आवास में ही रहते थे। 13 सितंबर की सुबह घर की सबमर्सिबल को सुधारते समय अचानक वह करंट की चपेट में आ गए।
इससे अजीत सिंह गंभीर रूप से झुलस गए। उपचार के लिए उन्हें जिला अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस भी अस्पताल पहुंच गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।