आंधी-बारिश से गिरे पेड़ व बिजली के खंभे। संवाद
शुक्रवार रात करीब 9:30-10.00 बजे के बीच आई तेज आंधी एवं बारिश ने पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति को ठप कर दिया। आंधी से लगभग 250 पेड़ टूटकर बिजली की लाइनों पर गिर गए। इससे 75 से अधिक बिजली के खंभे और आठ ट्रांसफॉर्मर टूट गए। क्षेत्र के लगभग 175 गांव अंधेरे में डूबे रहे। शनिवार सुबह से ही बिजली कर्मी इसको सही करने में लगे रहे।
सादाबाद विद्युत अधिशासी अभियंता अमित कुमार का कहना है। अलग-अलग टीमों का गठन कर युद्ध स्तर पर बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। देर रात तक कुछ गांवों में ही विद्युत आपूर्ति बहाल की जा सकेगी। पूरे क्षेत्र में आपूर्ति बहाल करने के लिए कम से कम तीन दिन का समय और लग सकता है।
इसके साथ ही गेहूं की खड़ी फसल और कटी फसल में भी काफी नुकसान है। खेतों में गेहूं की पौधे जो कटे हुए डरे थे वह उड़कर बिखर गए हैं। इनको इकट्ठा करने में किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि इस साल से जिस तरह से मौसम बदलाव हो रहा है। वह पहले कभी नहीं देखा। दो दिन पहले हुए बारिश से जिन किसानों ने सब्जी के साथ खरबूज की फसल बोई थी उसे भी नुकसान हुआ है। आंधी से सब्जी की बेल उलटने से उस पर आ रहा फूल झड़ गया। बारिश से मिट्टी की ऊपरी परत कड़ी होने के कारण वह अंकुरित नहीं हो पाएंगे।
- पूरी सादाबाद तहसील में आंधी से 100 से अधिक बिजली के खंभे, तार, 25 से अधिक ट्रांसफॉर्मर टूट गए। क्षति का आकलन किया जा रहा है। पूरी तरह से विद्युत आपूर्ति बहाल करने में दो-तीन दिन का समय लग सकता है। कुछ गांवों एवं कस्बा की आपूर्ति बहाल कर दी गई है। -अमित कुमार, अधिशासी अभियंता, सादाबाद
आंधी-बारिश से गिरे पेड़ व बिजली के खंभे। संवाद