वर्ष 2021-22 में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना व अन्य योजनाओं पर उद्यान विभाग द्वारा खर्च किए 1.91 करोड़ रुपये का ब्योरा जांच अधिकारियों को मुहैया नहीं किया जा रहा है, जिससे इन योजनाओं में गोलमाल का शक गहरा रहा है। जांच अधिकारी के साथ जिलाधिकारी ने भी पत्र जारी कर विभाग से इन योजनाओं का ब्योरा मांगा है।
जिलाधिकारी राहुल पांडेय ने जिला उद्यान अधिकारी को जारी पत्र में कहा है कि अलीगढ़ रोड विवेकानंद नगर निवासी अजय कुमार शर्मा ने 24 अक्तूबर 2024 को शिकायती पत्र दिया था। इसमें उद्यान विभाग के निरीक्षकों पर कंपनियों से साठगांठ कर वर्ष 2021-22 प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना व ड्राॅप मोर कोप माइक्रो इरीगेशन ड्रिप एवं मिनी स्प्रिंकलर योजना के तहत लाखों रुपये का घोटाला करने, धरातल पर नियमानुसार कोई कार्य न होने के अलावा प्रकरण को उजागर करने के उद्देश्य से सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत प्रस्तुत आवेदन पर वांछित अभिलेख उपलब्ध न कराए जाने की शिकायत की गई थी।
शिकायत में कहा गया था कि वांछित सूचना उपलब्ध न कराने पर अलीगढ़ के उप निदेशक उद्यान ने भी पांच सितंबर को वांछित अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय अधिकारियों को निर्देशित किया। इसके बावजूद वांछित अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए। इस मामले में एडीएम न्यायिक ने पांच नवंबर 2024 को पत्र जारी कर विभागीय अधिकारियों से जवाब मांगा था, लेकिन अभी तक जवाब नहीं मिला है।
इस मामले में फिर शिकायतकर्ता ने 25 अप्रैल को शिकायती पत्र दिया, जिसके बाद डीएम राहुल पांडेय ने प्रकरण से संबंधित विभागीय योजनाओं के तहत कराए गए कार्यों का स्पष्ट विवरण, भुगतान से पूर्व कार्यों की गुणवत्ता की जांच संबंधी अभिलेख, जांच के बाद किए गए भुगतान संबंधी अभिलेखों की मूल पत्रावलियां 10 दिन के अंदर जांच अधिकारी एडीएम (न्यायिक) को उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए। हैरानी की बात यह है कि अभी तक डीएम के आदेश के बावजूद उद्यान विभाग की ओर से इस योजना में वर्ष 2021-22 में खर्च की गई धनराशि का ब्योरा नहीं दिया जा रहा है।
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वर्ष 2021-22 में एक नजर में योजना की यह थी स्थिति
शासन से आवंटित बजट 2.01 करोड़।
आवंटित बजट के सापेक्ष खर्च धनराशि 1.91 करोड़।
लाभार्थभ् 110
मेरे व जिलाधिकारी के माध्यम से इस योजना में खर्च हुई धनराशि का हिसाब विभाग से मांगा गया था, लेकिन अभी तक पत्रावली उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। कई बार पत्राचार कर लिया गया है। योजना में गड़बड़ी होने की आशंका है।
-शिवनारायण शर्मा, एडीएम न्यायिक।