सूरजपाल उर्फ नारायण साकार हरि के 2 जुलाई को सिकंदराराऊ तहसील के गांव फुलरई मुगलगढ़ी में आयोजित सत्संग में मची भगदड़ में 121 लोगों की मौत हो गई थी। इसमें करीब 250 लोग घायल हुए थे।
हाथरस सत्र न्यायाधीश सतेंद्र कुमार के न्यायालय में सत्संग हादसे के मामले में 21 दिसंबर को सुनवाई हुई। सत्र न्यायालय में बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने आरोपों पर बहस की, लेकिन उनकी बहस पूरी नहीं हो सकी। न्यायालय ने इस मामले में सुनवाई के लिए चार जनवरी अगली तिथि नियत की है।
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उल्लेखनीय है कि सूरजपाल उर्फ नारायण साकार हरि के 2 जुलाई को सिकंदराराऊ तहसील के गांव फुलरई मुगलगढ़ी में आयोजित सत्संग में मची भगदड़ में 121 लोगों की मौत हो गई थी। इसमें करीब 250 लोग घायल हुए थे। पुलिस ने इस मामले में 11 आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में 3200 पेज का आरोपपत्र दाखिल किया है। इस मामले में पुलिस ने 676 गवाह बनाए हैं।
पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी देवप्रकाश मुधकर के अलावा मेघ सिंह, मुकेश कुमार, मंजू देवी, मंजू यादव, राम लड़ेते, उपेंद्र सिंह, संजू कुमार, रामप्रकाश शाक्य, दुर्वेश कुमार, दलवीर सिंह को आरोपी बनाया है। यह मामला सत्र न्यायाधीश सतेंद्र कुमार के न्यायालय में विचाराधीन है। सत्र न्यायालय में 21 दिसंबर को आरोपी पेश हुए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता एपी सिंह ने आरोपों पर बहस की। एपी सिंह की 21 दिसंबर को बहस पूरी नहीं हो पाई। इस मामले में बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस जारी है।