जिले में जर्जर भवन कभी भी बडे़ हादसे का सबब बन सकते हैं। कुछ दिनों पूर्व ही सीमावर्ती जिले आगरा में जर्जर भवन से हादसा हो चुका है, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के कानों पर अभी जूं भी नहीं रेंगी है। जिले में भी विभागीय रिकॉर्ड की मानें तो 126 प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के भवन जर्जर अवस्था में हैं।
इनके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जानी है। जबकि इन अधिकांश जर्जर भवनों के परिसर में ही दूसरे भवनों में नियमित रूप से विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग विद्यार्थियों की पढ़ाई एवं उनका कुपोषण दूर करने के नाम पर तो अनेक योजनाओं का संचालन कर रहा है, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देकर शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का काम किया जा सके, लेकिन विभागीय अधिकारियों को इन विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के जीवन की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं हैं।
विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार जिले में 126 विद्यालय भवन जर्जर अवस्था में खडे़ हुए हैं। इनके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होना विभागीय रिकॉर्ड में भी प्रस्तावित है।
यह भवन कभी भी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के जीवन के लिए खतरा बन सकते हैं, क्योंकि इन विद्यालयों में से अधिकांश जर्जर भवन ऐसे हैं, जिनके आसपास एकल कक्षा कक्ष एवं नए भवन भी बना दिए गए हैं, जिससे इनके पास से हर समय विद्यार्थियों का आना-जाना बना रहता है।
इन हालात में अगर यह भवन किसी भी प्रकार से विद्यालय के समय पर धराशाई हुए, तो विद्यार्थियों के जीवन के लिए यह गंभीर खतरा बन सकते हैं।
- जिले में जितने भी जर्जर भवन बने हैं, उनके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए परियोजना से परमीशन मांगी गई हैं। परमीशन मिलने के बाद इनके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करा दी जाएगी।
- रेखा सुमन, बीएसए हाथरस