वह और परिवार के लोग उनके पति को बेहोशी की हालत में लेकर थाने पहुंचे। पुलिस ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए इलाज के लिए कह दिया। उन्होंने अपने पति का काफी इलाज कराया। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण छह जनवरी 2019 को उन्हें सादाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाया गया। वहां से हाथरस जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
इलाज के दौरान गंभीर चोटें आने के कारण उनके पति की मृत्यु जिला अस्पताल में सात जनवरी 2019 की सुबह हो गई। इस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचक ने विवेचना करते हुए न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया। इस मामले की सुनवाई सत्र न्यायाधीश सतेंद्र कुमार के न्यायालय में हुई। न्यायालय में दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत आरोपी विमल कुमार व मंजू देवी को दोषी करार देते हुए सात सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।