उमेश चौहान गुरुग्राम में काम करते थे। छुट्टी मिलने पर रविवार को अपने गांव लौट रहे थे। नूरपुर तिराहा स्थित मिठाई के खोखे से जलेबी खरीदकर खा रहे थे, तभी दोनों गुटों के बीच हुई फायरिंग में एक गोली उनके सीने में लगी, जिससे मौत हो गई थी।
रविवार को चंडौस-दौरऊ मार्ग पर नूरपुर तिराहे में दो गुटों के बीच हुई फायरिंग में 55 वर्षीय उमेश चौहान की मौत के मामले में पुलिस ने पकड़े गए सात आरोपियों को सोमवार को न्यायालय में पेश किया जहां से सभी को जेल भेज दिया गया।
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इस मामले में पुलिस ने सचिन सारस्वत, शिवम उर्फ भूरिया, हेमंत कुमार, पंकज कुमार, विपिन कुमार, विष्णु, शेखर और भोलू उर्फ गौरव को पकड़ा था। तीन अन्य नामजद आरोपी फरार हैं। उमेश चौहान गुरुग्राम में काम करते थे।
छुट्टी मिलने पर रविवार को अपने गांव लौट रहे थे। नूरपुर तिराहा स्थित मिठाई के खोखे से जलेबी खरीदकर खा रहे थे, तभी दोनों गुटों के बीच हुई फायरिंग में एक गोली उनके सीने में लगी, जिससे मौत हो गई थी।