पराग डेयरी में बनी अस्थायी गोशाला में पशुओं की टैगिंग करते कर्मचारी।
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सासनी। पराग डेयरी में बनी अस्थायी गोशाला जिला प्रशासन के गले की फांस बन गई है। गोशाला में गोवंश के मरने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को यहां सात और गोवंश मृत पाए गए। कर्मचारियों ने इन शवों को बिना पोस्टमार्टम के ही दफन करा दिया। हालांकि व्यवस्था में लगे अधिकारी और कर्मचारियों ने गोशाला में रह रहे बीमार और लाचार गोवंश की टैगिंग कराई। परिसर में गोवंश के पीने के लिए पानी और चारे की व्यवस्था का भी जायजा लिया। भीषण गर्मी में भी अधिकारी व कर्मचारी गोशाला में गोवंश के चारे-पानी के इंतजाम के लिए दौड़ते नजर आए।
दरअसल, पराग डेयरी में बनी अस्थायी गोशाला में अव्यवस्थाओं का अंबार है। प्रमुख सचिव पशुधन विकास द्वारा निरीक्षण के दौरान निलंबन की चेतावनी देने के बावजूद हालात सुधरे नहीं हैं। प्रमुख सचिव ने दस दिन में व्यवस्थाओं में सुधार लाने के निर्देश दिए थे।
उन्होंने स्पष्ट कहा था कि 19 तक कभी भी सीएम योगी आदित्यनाथ इस गोशाला का मुआयना करने आ सकते हैं। बावजूद इसके अस्थायी गोशाला की व्यवस्था में कोई सुधार नहीं दिखा। गोशाला में गोवंश के लिए अभी भी हरे चारे और पीने के पानी का अकाल है। हालांकि एसडीएम हरिशंकर यादव ने कहा है कि पराग डेयरी परिसर में हरे चारे की व्यवस्था के लिए घास उगाई जाएगी। क्षेत्र के चारागाहों को भी चिन्हित कर लिया गया है। चरागाहों में भी इन पशुओं के लिए हरी घास उगाई जाएगी।