हाथरस की ओढ़पुरा निवासी शशि देवी मानसिक अस्वस्थ बच्चों के जीवन में उम्मीद और आत्मविश्वास के रंग भर रहीं हैं। घरेलू जिम्मेदारियों के बीच समय निकालकर वह रोजाना दो घंटे दिव्यांग विद्यालय में निशुल्क सेवाएं देती हैं और बच्चों को शिक्षा के साथ जीवन जीने की प्रेरणा भी दे रही हैं।
शशि ने स्पेशल बीएड करने के बाद मानसिक अस्वस्थ बच्चों के साथ काम करने का निर्णय लिया। शहर के जलेसर रोड स्थित वीरेश मेमोरियल आवासीय दिव्यांग विद्यालय में मौजूद करीब 70 बच्चों को जीवन जीने की राह दिखाना शुरू किया। उनका मानना है कि ऐसे बच्चों को सबसे अधिक जरूरत प्यार, धैर्य और विशेष मार्गदर्शन की होती है। इसी सोच के साथ वह रोजाना विद्यालय पहुंचकर बच्चों को पढ़ाती हैं। खेल और रचनात्मक कार्यों के माध्यम से उनका आत्मविश्वास बढ़ाने का प्रयास करती हैं।
वह कहतीं हैं कि इन बच्चों में असीम प्रतिभा होती है, आवश्यकता केवल उसे पहचानने और सही दिशा देने की है। बच्चों के साथ बिताया गया समय उन्हें संतोष देता है। विद्यालय के शिक्षक भी उनके सहयोग को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं। इस निस्वार्थ सेवा से इन बच्चों के अभिभावकों में भी आत्मविश्वास बढ़ा है।