स्टेट बैंक ऑफ पटियाला पर प्रदर्शन करते बैंक कर्मी।
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हाथरस। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की सहयोगी बैंकों के बोर्डों में बिना किसी सूचना के मनमाने तरीके से सहयोगी बैंकों को समाप्त करने और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में अभिग्रहित करने के निर्णय के खिलाफ गुरूवार को स्टेट बैंक को छोड़कर समस्त बैंकों के कर्मचारियों ने स्टेट बैंक ऑफ पटियाला पर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन ऑल इंडिया बैंक एंप्लाइज एसोसिएशन एवं स्टेट सेक्टर बैंक एंप्लाइज एसोसिएशन के द्वारा किया गया था। यूपी बैंक एंपलाइज यूनियन के जिला मंत्री बीएस जैन ने कहा कि जब हमारे राष्ट्रीय संगठनों का प्रतिनिधिमंडल वित्तमंत्री से मिला था तो उन्होंने यह राय दी थी कि स्टेट बैंक की सभी सहयोगी बैंकों को मिलाकर एक बैंक करने पर विचार होगा, परंतु सहयोगी बैंकों के बोर्डों में जो निर्णय हुआ है वह वित्तमंत्री के सुझावों के विपरीत है, इसलिए राष्ट्रीय संगठनों ने आंदोलन का आह्वान कर दिया है। आंदोलन के तहत 20 मई, सातजून और 28 जुलाई की हड़ताल भी शामिल हैं। बैंकों का प्रबंधन का मत है कि हड़ताल गैर कानूनी है, जो उचित नहीं हैं। बैंकों के बोर्डों की मीटिंग बुलाने के भी नियम-कानून हैं, जिन्हें उन्होंने नहीं अपनाया और सहयोगी बैंकों के अस्तित्व को समाप्त कर स्टेट बैंक में अभिग्रहीत कराने का निर्णय ले लिया गया। अब बैंकों के प्रबंधन ने सहयोगी बैंकों के कर्मचारियों को प्रपत्रों के माध्यम से डराना व धमकाना शुरू कर दिया है, जिससे सहयोगी बैंकों के कर्मचारियों में आक्रोश है। बैंक कर्मचारियों को बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट की धारा 36 क के प्रावधानों को दिखाकर डराने की प्रक्रिया प्रबंधन ने शुरू कर दी है, जिसे कर्मचारियों द्वारा सहन नहीं किया जाएगा। संगठन के अध्यक्ष वीके शर्मा ने बैंकों के उच्च प्रबंधन की निंदा की। इस मौके पर पीएस रावत, राकेश वर्मा, ओमप्रकाश, नवल किशोर शर्मा, देवेंद्र कुमार, राजेश शर्मा, रवि राकेश, महेंद्र कुमार, शैलेंद्र कुमार, हुकुम सिंह, धर्मेंद्र, उमाशंकर जैन, रमेश सैनी, एके वर्मा, लालाराम, नरेंद्र कुमार, केएल वर्मा आदि थे।