नगर पालिका परिषद में कनिष्ठ लिपिक पद पर हुई स्थायी नियुक्ति को अवैध बताते हुए सफाई कर्मचारी एक बार फिर सामूहिक अवकाश पर चले गए। सोमवार को शहर में सफाई कार्य नहीं हुआ। जगह-जगह कूड़े-करकट के ढेर लगे रहे।
नगर पालिका में हुई नियुक्ति का प्रकरण 24 नवंबर से गर्मा रहा है। इसके विरोध में सफाई कर्मचारी संघ व जलकल यूनियन ने दो दिन की हड़ताल की थी। इसके बाद एसडीएम सदर के आश्वासन पर हड़ताल को खोल दिया गया था। तीन दिन के अंदर कोई कार्रवाई नहीं होने पर पिछले सप्ताह सफाई कर्मचारी मजदूर संघ के पदाधिकारी डीएम कार्यालय पहुंचे और अपनी शिकायत दी थी।
सफाई कर्मियों ने शनिवार को भी चेतावनी पत्र ईओ को सौंपा था और आठ दिसंबर को सामूहिक अवकाश पर रहने के बारे में अवगत कराया था। नियुक्ति मामले में कोई कार्रवाई न होने से नाराज कर्मचारी सोमवार को सफाई के लिए मैदान में नजर नहीं आए। शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर देखने के लिए मिले। सड़कों व गलियों में झाड़ू भी नहीं लगी। लोग गंदगी से होकर गुजरने के लिए मजबूर रहे।
मजदूर संघ के पदाधिकारियों ने ईओ को ज्ञापन दिया। इसमें अध्यक्ष उमेश चंचल ने कहा कि ईओ ने निदेशक नगर विकास को पत्र लिखकर मामले से अवगत करा दिया है। साथ ही नियुक्ति के मामले में कोई योगदान आख्या ईओ को प्राप्त नहीं हुई है।
चंचल ने आरोप लगाया कि जेई ने सीधे नियुक्ति करा ली और स्पष्टीकरण मांगने के बाद भी कर्मी से रजिस्टर पर हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में मंगलवार को डीएम से मिलकर शिकायत की जाएगी। ईओ रोहित सिंह ने बताया कि सफाई कर्मचारियों को समझाया गया। नियुक्ति प्रकरण से शासन को अवगत करा दिया है। दिशा-निर्देश मिलने पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
इन स्थानों पर रही गंदगी
शहर में चौराहों व गली के नुक्कड़ों पर गंदगी के ढेर रहे। रविवार को अवकाश के चलते कूड़ा नहीं उठा और सोमवार को सफाई कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश पर जाने के कारण। शहर में बीएच ऑयल मिल, चामड़ गेट, भूरापीर मंदिर के सामने, मेंडू गेट पुलिस चौकी के सामने, खातीखाना, बागमूला चौराहा, खंदारी गढ़ी, गांधी तिराह, बसंत बाग, तमना गढ़ी, मोहनगंज तिराहा, बुर्ज वाला कुआं, सासनी गेट, मधुगढ़ी चौराहा आदि जगहों पर कूड़े के ढेर लगे रहे।